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शपथ लेना आसान, निभाना मुश्किल : राज्यपाल 

Fri, 25 May 2018 12:33 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/सहारनपुर
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गंगोह के विवि में डिग्री प्रदान करते यूपी के राज्यपाल राम नाईक। - फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि शपथ लेना आसान है, मगर उसे निभाना बेहद मुश्किल है। उपाधि मिलने के बाद युवाओं के लिए उड़ने के लिए खुला आसमान है, मगर यह ध्यान रखें कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए शार्टकट का इस्तेमाल ना करें।
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उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह में अंग्रेजी परंपरा को त्याग कर भारतीय पोशाक की तर्ज पर ड्रेस कोड लागू करने की जरूरत है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश महिला सशक्तिकरण की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश के 77 विश्वविद्यालयों में 66 प्रतिशत छात्राएं स्वर्ण पदक पाकर सबसे आगे हैं।  

राज्यपाल राम नाईक बृहस्पतिवार को शोभित यूनिवर्सिटी गंगोह के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने 458 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। इनमें 45 स्वर्ण पदक और उत्कृष्ट प्रमाण पत्र दिया गया।
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इससे पहले राज्यपाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया। राज्यपाल ने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता है, कठिन परिश्रम करने वाले को ही सफलता मिलती है। जो सोता है उसका भाग्य भी सो जाता है और जो चलता है, उसका भाग्य भी चलता है।

उन्होंने उप्र में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं की बढ़ती भागीदारी और बढ़ते सफलता के औसत को समाज के लिए एक शुभ संकेत बताया। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को चार सूत्रों के साथ जीवन में लक्ष्य हासिल करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि हमेशा मुस्कुराते रहो, दूसरों को सदैव प्रोत्साहित करो, किसी की अवमानना मत करो और हमेशा अपने कार्य को और अधिक अच्छा करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने युवाओं को चिड़िया का घोंसला बनाने से लेकर बच्चों को पंख आने तक चोंच में दाना डालने की कहानी सुनाते हुए कहा कि माता-पिता उन्हें बढ़ाने के लिए दिन-रात एक करते हैं। ऐसे में उनके बलिदान का अपमान नहीं करना चाहिए।  

कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने कहा कि आज दीक्षा का अंत हुआ है शिक्षा का अंत नहीं है। उपाधि पाने वाले विद्यार्थी हर पथ पर नई शिक्षा ग्रहण कर सफलता के नए आयाम गढे़ंगे। दीक्षांत समारोह में गांधीवादी, समाजसेवी और हरिजन सेवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर कुमार सान्याल और  वैज्ञानिक एवं ब्रह्मोस एयरोस्पेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सुधीर कुमार मिश्र को मानद डाक्टरेट की उपाधि से विभूषित किया गया।      
       
नाइस सोसाइटी के अध्यक्ष एवं जेपी माथुर ट्स्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी डा. शोभित कुमार और कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने राज्यपाल को प्रतीक चिह्न भेंट किया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. महिपाल सिंह ने अतिथियों का आभार जताया।

दीक्षांत समारोह का शुभारंभ और समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रति कुलपति डा. डीके कौशिक,  कुलपति डा. दुर्ग विजय राय, प्रोफेसर रघुवीर सिंह, स्वामी मार्तण्डपुरी, आईएफएस अशोक शर्मा, आनंद प्रकाश अग्रवाल, डॉ पीके गोयल, प्रोफेसर रणजीत सिंह,  देवेंद्र नारायण,  वरुण बंसल, डॉ. एसके पाठक, शंकर कुमार सान्याल, संगीता, विश्वलोचन, प्रोफेसर एस मुखर्जी,  रमेशचंद, डॉ आरएल विश्नोई, प्रोफेसर एम मौनी, सूफी जहीर अख्तर, प्रोफेसर आरपी अग्रवाल, प्रोफेसर पीपी सिंह, वासु शेखर और डॉ सुधीर मिश्रा आदि इस दौरान मौजूद रहे।  
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यूपी की आबादी से बड़े सिर्फ चार देश 
राज्यपाल राम नाइक ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है, क्योंकि देश के अलावा काफी देशों से जनसंख्या के मामले में यूपी सबसे आगे है। अमेरिका, चीन, इंडोनेशिया आदि देशों की आबादी यूपी से ज्यादा है।
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वाजपेयी सरकार को दिया सर्व शिक्षा अभियान का श्रेय
राज्यपाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सर्व शिक्षा अभियान की शुरूआत की गई थी, जिसके पीछे मकसद हर बच्चे को शिक्षा प्रदान करना था। उसके बाद लड़कियों को शिक्षित करने का माहौल बना। मोदी सरकार ने इस विजन को बढ़ाते हुए बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया है। इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है, अब हर क्षेत्र में महिलाओं का दबदबा बढ़ रहा है।  
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आतंकवादी भी कम बुद्धिमान नहीं
राज्यपाल ने कहा कि भारत में सबसे ज्यादा शिक्षित युवा वर्ग है। अनुमान है कि 2025 तक विश्व में सबसे ज्यादा युवा भारत में होंगे। युवा शक्ति को सही राह दिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी भी कम बुद्धिमान नहीं है, जो अपने मिशन को पूरा करने के लिए नई-नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहे है, मगर सौभाग्य से वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। शिक्षित होने के बाद भी वह गलत राह पर चल पड़े हैं।    
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वह भी ऐसे कालेज में पढ़ते तो कुछ बन जाते
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि हेलीकाप्टर से उतरते समय कालेज की आलीशान बिल्डिंग देखकर उनके मन यह ख्याल जरूर आया कि यदि उन्हें भी पढ़ाई के लिए  ऐसा कालेज मिल जाता तो वह भी कुछ ना कुछ बन जाते।  
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कार्यकाल पूरा होने पर जताया संदेह
राज्यपाल राम नाइक ने अपने पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा होने पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से राज्यपालों का कार्यकाल किन्हीं कारणों से पूरा नहीं हो पाता है। अगले दीक्षांत समारोह में वह शायद ही आ पाए।    
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उपाधि पाने वालों को दिलाई गई शपथ 
दीक्षांत समारोह में कुलपति द्वारा उपाधि पाने वाले छात्र-छात्राओं को अपने ज्ञान का उपयोग देश की सेवा करने एवं समाज को उत्थान के पथ पर बढ़ाने की प्रतिज्ञा दिलाई गई। उपाधि पाने वालों में 105 बीटेक, तीन एमटेक, 42 एमएससी., 07 एलएलएम, 15 एमसीए., 29 एमबीए आदि विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राएं शामिल थे। विभिन्न पाठ्यक्रमों के 45 मेधावी छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक उत्कृष्टता प्रमाण पत्र  और स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।  
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राज्यपाल नाराज हुए तो मंच से मांगी माफी
सहारनपुर। राज्यपाल राम नाईक शोभित यूनिवर्सिटी के प्रथम दीक्षांत समारोह में अव्यवस्थाओं को लेकर खासे नाराज हुए। उपाधि पाने वाले छात्र-छात्राओं के कुलपति के साथ बोलकर शपथ लिए जाने पर राज्यपाल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इसकी पहले से तैयारी क्यों नहीं की गई। दरअसल राज्यपाल से स्वर्ण पदक पाने वाले 39 छात्र-छात्राओं को उपाधि दी जानी थी, मगर आयोजकों ने 458 बच्चों को उपाधि दिला दी।  राज्यपाल ने मंच से कहा कि उनका कार्यक्रम मिनट-टू-मिनट का होता है, मगर 84 साल की उम्र में उन्हें इतनी देर खड़ा किया गया। कार्यक्रम के बीच में वह अपनी नाराजगी जता चुके हैं। नाइस सोसाइटी के अध्यक्ष एवं जेपी माथुर ट्स्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी डा शोभित कुमार ने इसके लिए मंच से माफी मांगी।
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