बेहट। गांव कुतुबपुर भूकड़ी में स्थित चकबंदी विभाग के सेवानिवृत्ति कर्मचारी की कृषि भूमि को कूटरचित फर्जी दस्तावेजों को आधार बनाकर राजस्व अभिलेखों में अपने नाम दर्ज करा ली गई। इस मामले में नाथी व सुखपाल निवासी गांव कुतुबपुर भूकड़ी और हलका लेखपाल व कानूनगो के खिलाफ बेहट कोतवाली में न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सहारनपुर के माधी विहार भूतेश्वर मंदिर रोड निवासी अनिल कुमार की तरफ से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया गया, कि उनके पिता प्रकाशचंद चकबंदी विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 2021 में उन्होंने तहसील बेहट क्षेत्र के गांव कुतुबपुर भूकड़ी में कृषि भूमि खरीदी थी। वर्ष 2025 में उनके पिता की मृत्यु हो गई। आरोप है, कि इसका पता लगने पर आरोपी नाथी व सुखपाल ने हलका लेखपाल व कानूनगो से सांठगांठ कर जाली कूटरचित फर्जी दस्तावेजों को आधार बनाकर उनकी कृषि भूमि को राजस्व अभिलेखों में अपने नाम दर्ज करा ली, जबकि कानूनी तौर पर विरासत उसके नाम दर्ज होनी थी।
उसे गांव कुतुबपुर भूकड़ी से इसकी जानकारी मिली, कि उनकी भूमि को फर्जी दस्तावेजों के आधार नाथी व सुखपाल ने अपने नाम दर्ज करा ली है और अब उसका सौदा औने पौने दामों में हरियाणा की पार्टी से कर रहे है। वह तुरंत आरोपियों के पास पहुंचा और उनसे इस बाबत पूछा। आरोप है, कि उन्होंने उसे धमकी दी, कि यदि कार्रवाई की तो उसकी लाश का भी पता नहीं लगने देंगे। जब उसने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई तो आरोपियों ने उसकी जमीन वापस करने की एवज में 20 लाख की मांग की।