सहारनपुर। इन्फ्लुएंजा एच3एन2 से हरियाणा और कर्नाटक में दो मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट जरूर हो गया, लेकिन यहां सरकारी अस्पतालों में इन्फ्लुएंजा जांच की कोई सुविधा नहीं है। अगर किसी मरीज में लक्षण मिले तो उसका सैंपल जांच के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा।
इन्फ्लुएंजा एच3एन2 का संक्रमण फैल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार यह वायरस हवा के माध्यम से सांस नली से शरीर में पहुंचकर संक्रमित करता है। इसमें बुखार, गले में खराश, कई दिन तक खांसी, जुकाम, पेट में ऐंठन आदि लक्षण होते हैं। इनसे मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीज जिला अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में मरीज पहुंच रहे हैं।
अभी तक न तो जांच कराई और न कोई सैंपल लिया गया। चिकित्सक केवल सामान्य वायरल मानकर मरीजों की जांच कर रहे हैं। इतना ही नहीं एसबीडी जिला चिकित्सालय में इन्फ्लुएंजा एच3एन2 की जांच के लिए कोई सुविधा नहीं है। रैपिड जांच किट भी स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसी मरीज में लक्षण दिखाई दिए तो उसका नमूना लेकर मेरठ मेडिकल कॉलेज जाएगा, उसके बाद ही मरीज में पुष्टि होगी।
आरक्षित किए बेड
अगर जनपद में इन्फ्लुएंजा का मरीज मिला तो उन्हें भर्ती करने के लिए जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेड आरक्षित कर दिए हैं। जिला अस्पताल में मेडिकल वार्ड लाइन में एक कक्ष और हड्डी वार्ड के पास पेईंग वार्ड को आरक्षित किया है, जिनमें 20 बेड रखे गए हैं। इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच बेड का अलग वार्ड बनाया है।
इन्फ्लुएंजा वायरस के लक्षण
कई दिन तक बुखार, गले में खराश, कई दिन तक खांसी, सांस में तकलीफ, सीने में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, फेफड़ों में तकलीफ और चिड़चिड़ापन।
इन्फ्लुएंजा एच3एन2 से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह से तैयार है। यदि किसी में इन्फ्लुएंजा के लक्षण मिलते हैं तो उसके सैंपल लेकर मेरठ मेडिकल कॉलेज जाएगा। अभी रैपिड जांच किट नहीं मिली है। वैसे जनपद में इन्फ्लुएंजा का कोई मामला सामने भी नहीं आया। - शिवांका गौड़, जिला सर्विलांस अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग