सहारनपुर के देवबंद में भारत-इजरायल की दोस्ती पर देवबंदी उलमा ने बड़ा बयान दिया है। उलमा का कहना है कि हिंदुस्तान की पॉलिसी हमेशा फिलिस्तीन के हक में रही है। जबकि इजरायल ने हमेशा जालिमाना रवैया अपनाया है। ऐसे मुल्क के सदर से दोस्ती करना पुरानी मोहब्बत और वफा के खिलाफ है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत दौरे पर आए हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू की दोस्ती के किस्से लगातार मीडिया में सुर्खियां बन रहे हैं। लेकिन यह दोस्ती देवबंदी उलमा के गले नहीं उतर रही है।
नेतन्याहू के दौरे के बाद पहली बार देवबंदी उलमा ने इस पर खुलकर बयान दिया है और दोनों के बीच दोस्ती को भारत की मोहब्बत और वफा के खिलाफ बताया है। फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि हिंदुस्तान की पॉलिसी हमेशा फिलिस्तीन के साथ रहने की रही है।
जो मुल्क फिलिस्तीन के मासूम बच्चों और महिलाओं को कत्ल करता हो और मस्जिद-ए-अक्सा पर भयानक हमला करता हो, ऐसे मुल्क के सदर (प्रधानमंत्री) से दोस्ती करना हिंदुस्तान की फिलिस्तीन से पुरानी दोस्ती और वफा के खिलाफ है।
क्योंकि मासूम बच्चों का खून बहाना सबसे बड़ी दहशतगर्दी है। इसलिए इजरायल से दोस्ती जुल्म व ज्यादती के खिलाफ है। इस पर भारत को विचार करना चाहिए।