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Saharanpur News: स्क्रब टायफस का खतरा बढ़ा, सावधानी बरतें

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-डेंगू से मिलते-जुलते लक्षणों की वजह से मरीज की जल्द नहीं होती पहचान
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जनपद में डेंगू और वायरल बुखार के बीच स्क्रब टायफस का खतरा बढ़ गया है। हालांकि अभी तक इस बीमारी का कोई मामला सामने नहीं आया है। इससे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। चिकित्सकों के अनुसार, स्क्रब टाइफस चूहे, गिलहरी आदि से फैलती है।
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जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया कि अभी जनपद में स्क्रब टाइफस का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। स्क्रब टाइफस का बैक्टीरिया चूहों एवं गिलहरियों से आदमी तक पहुंचता है। संक्रमण के दस दिन के अंदर मरीज के शरीर पर काले चकत्ते के अलावा तेज बुखार, कमजोरी, भूख में कमी, बदन दर्द व ठंडक जैसे लक्षण उभरते हैं। डेंगू से मिलते जुलते लक्षणों की वजह से मरीज की जल्द पहचान नहीं हो पाती है। गंभीर अवस्था में मरीजों में शरीर पर पपड़ी, बेहोशी और अंदरूनी रक्तस्राव मिलता है। उन्होंने बताया कि स्क्रब टायफस बुखार के लक्षण सिरदर्द होना। सर्दी लगना, बुखार, शरीर में दर्द तथा पांचवें दिन के बीच शरीर पर लाल दाने निकलने जैसे लक्षण होते हैं। इसमें बुखार सात से लेकर 12 दिन तक रहता है। बेहोशी और हृदय संबंधी समस्या सामने आती है। यह रोग कम उम्र के लोगों के लिए खतरनाक नहीं होता है, लेकिन 40 वर्ष से ऊपर की आयु के पचास प्रतिशत रोगी एवं 60 वर्ष से ऊपर के मरीज के लिए यह बहुत खतरनाक होता है।
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