देहरादून रोड स्थित कैंसर रिसर्च सेंटर में रविवार को कैंसर पर नियंत्रण विषय को लेकर हुई कार्यशाला और चिकित्सा शिविर में जिले में लगातार बढ़ रहे कैंसर के खतरे पर चिंता जाहिर की गई।
यह भी बताया गया कि जिले में हिंडन नदी के प्रदूषण के कारण बड़गांव, नानौता और रामपुर मनिहारान बेल्ट में कैंसर के रोगी तेजी से बढ़े हैं। पिछले कुछ सालों में काफी मौतें हो चुकी हैं। विशेषज्ञों ने शुरुआती लक्षणों को पहचानकर समय से कैंसर से बचाव के लिए जागरूक किया।
पीजीआई चंडीगढ़ से पहुंचे कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. विनोद निंबरान ने कहा कि समय से इलाज से कैंसर पर नियंत्रण किया जा सकता है। पान मसाला, सिगरेट और अन्य तरह की नशाखोरी के साथ ही हिंडन नदी सहित अन्य इलाकों में बढ़ते प्रदूषण के कारण यहां यह खतरा बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि शरीर के किसी हिस्से में गांठ का बनना, उसका ठीक न होना, स्तन और गर्दन में दर्द, भूख कम लगना, खाना निगलने में परेशानी, मुंह में जख्मों का न भरना, सिर में दर्द रहना, बिना किसी कारण वजन कम होना, शरीर में कमजोरी आदि लक्षण नजर आएं तो कैंसर रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
विशेषज्ञ डा. अश्वनी कल्याणपुर ने कहा कि जैनेटिक कारणों से भी कैंसर हो सकता है। धूम्रपान और नशाखोरी करने वाले लोगों में फेफड़ों और मुंह का कैंसर अधिक होने की संभावना रहती है। इसलिए जीवनशैली को सुधारना भी जरूरी है।
प्रांकुर अस्पताल के निदेशक एवं कैंसर विशेषज्ञ डा. प्रभात वर्मा ने बताया कि कुछ आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ रेडियोथैरेपी, टेलीगामा, सिटी स्कैन, मेमोग्राफी, कीमोथैरेपी, सर्जरी आदि माध्यमों से इलाज किया जा रहा है। शिविर में जिले के कई क्षेत्रों से आए मरीजों की जांच की गई। इस दौरान डा. रमेश बालेश्वर त्यागी, अनिल वर्मा आदि मौजूद रहे।