सहारनपुर। इस बार शिक्षा के लिए करीब 16 हजार करोड़ रुपये अधिक का बजट रहेगा। जिससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद की जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कई नए कदम उठाने की बात कही है, जिनमें नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करना, नेशनल बुक ट्रस्ट और चिल्ड्रेंस बुक ट्रस्ट भौतिक पुस्तकालयों को स्थानीय भाषाओं और अंग्रेजी भाषाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराना, कौशल उन्नयन के लिए सिविल सेवकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए एकीकृत ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाना और 2014 से अब तक स्थापित 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ सह-संस्थानों के रूप में 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित करना आदि शामिल है। बजट और तमाम घोषणाओं को लेकर युवा वर्ग खासकर छात्र बेहद उत्साहित हैं।
बजट पर विद्यार्थियों का पक्ष
जेवी जैन कॉलेज के बीएससी के विद्यार्थी वंदन कौशिक का कहना है कि जिस प्रकार सरकार ने बीते वर्षों के मुकाबले इस बार शिक्षा के लिए बजट में वृद्धि की है। वह निश्चित रूप से शिक्षा व्यवस्था के लिए बेहतर होगी, साथ ही जब नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित होंगे तो मेडिकल शिक्षा में भी नए विकल्प विद्यार्थियों को मिलेंगे।
मुन्नालाल कॉलेज की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा उर्वशी का कहना है कि शिक्षा मनुष्य की बुनियादी जरूरतों में से एक है। सरकार ने इसके बजट में वृद्धि की है। जिसका असर निश्चित रूप से पूरी व्यवस्था पर पड़ेगा। छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शिक्षण संस्थान भी सुविधा संपन्न होंगे।
बीए तृतीय वर्ष की आंचल सैनी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार की जरूरत है। केंद्र सरकार ने शिक्षा के लिए जो बजट बढ़ाया है। वह शत प्रतिशत शिक्षा की बेहतरी में लगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ सके, साथ ही नए संस्थान खोले जाएं, जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए पलायन ना करना पड़े।