खुद को जिंदा साबित करने के लिए तहसील दिवस में पहुंचा पीएम आवास योजना का पात्र।
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सहारनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली की परतें लगातार खुल रही हैं। लाभान्वितों में 517 लोग अपात्र पाए जाने के बाद एक नया मामला सामने आया है। जिसमें 40 हजार रुपये नहीं दिए जाने पर एक व्यक्ति को कंप्यूटर पर मृत दर्शा दिया गया। पीड़ित ने संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर अधिकारियों को आपबीती बताई।
अमन कॉलोनी निवासी मोहम्मद सरफराज पुत्र मोहम्मद अहमद ने मंगलवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर अधिकारियों को जो बताया उसे सुनकर अधिकारी भी हैरान रह गए। सरफराज ने बताया कि उसने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनवाने के लिए आवेदन किया था। करीब दो माह पहले विभाग की टीम ने पहुंचकर उसकी भूमि पर चूना डालते हुए उसका फोटो भी लिया था। सबकुछ ठीक चल रहा था, मगर बीच में एक व्यक्ति ने जो जनसेवा केंद्र चलाता है उसने 40 हजार रुपये की मांग की। जब रुपये नहीं दिए तो उसे कंप्यूटर पर दर्ज रिकॉर्ड में मृत दर्शा दिया गया। आरोप है कि वह 40 हजार रुपये देने के बाद ही रिकॉर्ड में जिंदा दर्शाने की बात कह रहा है। सरफराज अपने जिंदा होने की सुबूत देने के लिए अपने आधार कार्ड, फोटो पहचान पत्र आदि लेकर पहुंचा था, साथ ही परिजनों को भी लेकर गया था। पीड़ित ने मामले की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। योजना का लाभ दिलाने की भी मांग की।
कार्रवाई के बावजूद नहीं रुक रही धांधली
प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली कई बार सामने आ चुकी है। अलग-अलग स्तर से लोगों से अवैध वसूली की जा रही है। जिसमें चार लोग जेल जा चुके हैं, जबकि एक दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। इसके बावजूद दलाल तंत्र हावी है।