सहारनपुर के बेहट में बागड़ यात्रा से लौट रहे व्यापारी की कार राजस्थान के जनपद सीकर में जयपुर-दिल्ली हाईवे पर रोडवेज बस से टकरा गई। हादसे में दादा-पोते की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके परिवार की दो महिलाओं एवं बच्चों समेत छह लोग घायल हो गए।
घायलों को जयपुर के एक अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली के ऑल इंडिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद बेहट और मृतकों के पैतृक गांव शेखपुरा में शोक की लहर दौड़ गई।
शेखपुरा गांव निवासी अंशुल अग्रवाल पुत्र सोहनलाल का बेहट की संजय कालोनी में मकान है। उन्होंने कस्बे में ही दुकान कर रखी है। वे 19 अगस्त को परिवार के साथ अपनी कार में बागड़ यात्रा पर गए थे।
उनके साथ दूसरी कार में उनके भाई दिनेश का परिवार था। बागड़ दर्शन के बाद दोनों परिवार सालासर गए थे। रविवार की सुबह वे सालासर से मेंहदीपुर बाला जी एवं मथुरा वृंदावन दर्शनों के लिए निकले थे।
जैसे ही वे जयपुर-दिल्ली हाइवे पर उदयपुर तहसील के नीमका थाना क्षेत्र में पहुंचे तो अंशुल अग्रवाल की कार आगे चल रही रोडवेज बस में पीछे ड्राईवर के अचानक ब्रेक लगाने से टकरा गई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ड्राईवर की बराबर वाली सीट पर बैठे सोहनलाल (65) और उनके पोते अंश (3) पुत्र अंशुल अग्रवाल की मौके पर ही मौत हो गई। ड्राईव कर रहे अंशुल अग्रवाल, उसका तीन साल का जुड़वा बेटा वंश, पत्नी मोनिका एवं मां ममता गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों का जयपुर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से डॉक्टरों ने सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद ऑल इंडिया अस्पताल दिल्ली के लिए रेफर कर दिया।
हादसे की खबर मिलते ही कस्बे सहित उनके पैतृक गांव शेखपुरा में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार की सुबह सोहनलाल और मासूम वंश का शव जैसे ही शेखपुरा पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।
गमजदा परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पर हुजूम उमड़ पड़ा। गमगीन माहौल में दोनों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ दो चिताए जलती देख हर किसी की आंखें छलक गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।