उन्होंने कहा कि बसपा ने मुझे बाहर किया है। बहनजी कम लोगों से मिलती थीं, जिसमें मैं भी शामिल था। जिस समय इंडिया गठबंधन की चर्चा चल रही थी, उस समय मैंने बहनजी को बोला था कि इसे लीड करना चाहिए, लेकिन शायद बहनजी को यह बुरा लगा। इसके अलावा राहुल गांधी को लेकर जब बोला गया तो वह भी बहनजी को बुरा लगा। हो सकता है कि इसी वजह से उन्होंने पार्टी से निष्कासित किया।
उन्होंने कहा कि अब मैं कांग्रेस का सिपाही हूं। पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचकर एक मुकाम तक ले जाया जाएगा। जल्दी ही सहारनपुर में पार्टी की बड़ी रैली कराई जाएगी। लोकसभा चुनाव में टिकट को लेकर उन्होंने कहा कि यह पार्टी का फैसला है कि क्या जिम्मेदारी देनी है, लेकिन मैं और मेरे समर्थक हर समय चुनाव के लिए तैयार हैं, जो भी आदेश होगा उसके हिसाब से आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
जिसका थामा दामन थामा, उसकी तारीफों के बांधे पुल
जिस समय इमरान ने कांग्रेस को छोड़कर सपा का दामन थामा था तब कहा था कि उनके मन में कांग्रेस नेतृत्व का सम्मान है, लेकिन पार्टी अभी यूपी में भाजपा को हराने में सक्षम नहीं है। भाजपा को समाजवादी पार्टी ही मात दे सकती है। इसलिए वह सपा को ज्वाइन कर रहे हैं।