दक्षिण भारत में असर, उत्तर भारत में दिखेगी सूर्य ग्रहण की झलक
सहारनपुर। साल का आखिरी सूर्यग्रहण पौष अमावस्या में ‘कंकण’ यानी कंगन की आकृति का होगा। दक्षिण के राज्यों में यह पूरी तरह दिखाई देगा, जबकि उत्तर भारत के राज्यों में इस पर छाया पड़ेगी। इसे खंडग्रास भी कहते हैं। पश्चिमी यूपी के जिलों में अलग-अलग समय पर सूर्यग्रहण का पूर्ण प्रभाव दिखाई देगा। धनु राशि वालों को सावधान रहना होगा, क्योंकि मूल नक्षत्र एवं धनु राशि में सूर्यग्रहण आ रहा है। हालांकि चिंता की कोई बात नहीं है। आदित्य हृदयम स्त्रोत का पाठ करके सूर्यग्रहण के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।
साल का आखिरी सूर्यग्रहण 26 दिसंबर को है। सूतक 25 दिसंबर की रात आठ बजे से लग जाएगा, जबकि 26 की सुबह आठ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक सूर्यग्रहण का मोक्षकाल होगा। पश्चिमी यूपी की बात करें तो सहारनपुर में सूर्यग्रहण सुबह 8:19 बजे से शुरू होगा और 10:56 बजे इसकी छाया पड़ेगी। मेरठ और बागपत में सुबह 8.18 बजे शुरू होगा और छाया 10:57 बजे पड़ेगी। मुजफ्फरनगर और शामली में यह 8:28 बजे शुरू होगा, जबकि खंडग्रास सूर्यग्रहण 11:18 बजे तक रहेगा। बिजनौर में 8:19 बजे शुरू होगा और 10:58 बजे छाया पड़ेगी।
सूर्य ग्रहण का राशियों पर ये पड़ेगा असर
मेष राशि- संतान की तरफ से कष्ट
वृष- विरोधयों से कष्ट
मिथुन- पति को कष्ट
कर्क- रोग की आशंका
सिंह- कार्य में व्यवधान
कन्या: सभी कार्य सिद्ध होंगे
तुला: धन का लाभ
वृश्चिक: अनावश्यक खर्च
धनु: दुर्घटना की आशंका
मकर: आर्थिक क्षति
कुंभ : कार्यों में सफलता, लाभ
मीन : कोई रोग
सूर्यग्रहण के तीन काल होते हैं। प्रथम, द्वितीय और अंतिम यानी मोक्षकाल। प्रारंभ काल के दौरान स्नान और जप किया जाना चाहिए। मध्यकाल यानी द्वितीय समय में देव पूजन कर सकते हैं और मोक्षकाल के दौरान दान का बेहद महत्व है। यदि कहीं सरोवर या नदी हो, तो उसमें ग्रहण के बाद स्नान से ग्रहण से होने वाले कष्टों का हरण हो जाता है।
-राधवेंद्र स्वामी, महंत और ज्योतिषाचार्य, श्रीराम पंचायतन सिद्धपीठ, सहारनपुर