सहारनपुर में केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना के तहत दूसरे चरण के लिए जनसहभागिता अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में एक होटल सभागार में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
हर दिन अलग-अलग वर्ग के लोगों ने हिस्सा लेकर सुझाव देने के साथ ही सवाल भी उठाए। इस दौरान एक सज्जन द्वारा शहर में हो रहे अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
कार्यशाला के अंतिम दिन आईएमए, होम्योपैथिक, यूनानी मेडिकल एसोसिएशन, इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों, उच्च शिक्षण संस्थाओं के प्राचार्यों, सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों की प्रोग्रेसिव स्कूल फोरम समेत अनेक लोगों को बुलाया गया था। इस दौरान सभी से स्मार्ट सिटी के संबंध में लिखित सुझाव लिए गए।
नगरायुक्त डॉ. नीरज शुक्ला ने मौजूद जनसमूह को स्मार्ट सिटी के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद कंसलटेंट एजेंसी के अधिकारी कुंवर सुरजीत सिंह ने प्रोजेक्टर के माध्यम से तैयारी को समझाया।
उन्होंने पहले चरण में तैयार किए गए प्रस्ताव में रही खामियों को भी पब्लिक के सामने रखा। अंत में उपस्थित लोगों ने स्मार्ट सिटी की टीम से सवाल किए। राकेश शर्मा ने सड़कों पर हुए सरकारी अतिक्रमण जैसे थाने और चौकियां का मुद्दा उठाया। साथ ही एसडीए की शह पर शहरभर में हो रहे अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों की समस्या से भी अवगत कराया।
पीचग्रोव स्कूल के अरुण बागला ने पांवधोई नदी के दोनों छोरों पर हुए अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। साथ ही अधिकारियों से पूछा कि वह इस अतिक्रमण को कैसे हटाएंगे। सहारनपुर पब्लिक स्कूल के दीपक ने अतिक्रमण तथा सहारनपुर पब्लिक स्कूल के ही संदीप शर्मा ने बिगड़ी यातायात व्यवस्था का सवाल उठाया। रेनबो स्कूल की नीतू ने हार्वेस्टिंग सिस्टम को बिल्डिंग वाइज की जगह कॉलोनी वाइज बनाने का सुझाव दिया।