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रखना है रोजा और उपवास तो सेहत का रखें खास ध्यान

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सहारनपुर। नवरात्र और रमजान लगभग एक साथ शुरू हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण के बीच रोजा और उपवास रखना सेहत के लिए कितना सही है ? इस संबंध में हमने बीते एक साल से राजकीय मेडिकल कॉलेज सहारनपुर में कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉ. देवेंद्र वोहरा तथा ग्लोकल विश्वविद्यालय में कोविड अस्पताल के प्रभारी रहे डॉ. कपिल देव से बात की। चिकित्सकों ने भी माना है कि सामान्य व्यक्ति की तुलना में भूखे पेट रहने वालों को कोरोना होने का अधिक खतरा है, क्योंकि कई घंटों तक खाली पेट रहने से इम्युनिटी कमजोर होती है। ऐसे में चिकित्सकों की सलाह है कि रोजा और उपवास तो जरूर रखें, मगर साथ ही कोरोना से बचाव के लिए विशेष सावधानी भी बरतें।
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रोजेदारों के लिए सावधानी
चिकित्सकों का कहना है कि चूंकि रोजेदार बीच में कुछ खा और पी नहीं सकते हैं। ऐसे में वह बेवजह घर से बाहर जाने से बचें। कोशिश करें कि घर में भी परिजनों के साथ रहते समय मास्क का प्रयोग करें। गंदे हाथों से नाक और मुंह को छूने से बचें। हाथों को बार-बार अच्छे से साबुन से धोएं या सैनिटाइज करें। शरीर के साथ ही घर और पड़ोस में सफाई का विशेष ध्यान रखें। जिस समय रोजा खोलें तो ऐसी चीजें भी खाएं, जिनसे इम्युनिटी मजबूत हो। खास बात यह है कि भीड़ में जाने से बचने के लिए संभव हो तो घर ही में नमाज अदा करें, क्योंकि मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ रहती है।
उपवास वालों के लिए सावधानी
उपवास रखने वाले लोग बीच में फल या अन्य चीजों का सेवन कर सकते हैं। ऐसे में कोशिश करें कि पेट पूरी तरह खाली ना रहे। बेवजह घरों से निकलने की जरूरत नहीं है। बाहर निकलने के साथ ही घर में रहते हुए भी मास्क का प्रयोग करें। यदि घर में किसी को बुखार, खांसी और जुकाम है तो उससे थोड़ा दूरी बनाकर रखें। हाथों और शरीर को साफ रखें। मंदिर में जाने की बजाय कोशिश करें कि घर पर ही पूजा करें। जिससे भीड़ में जाने से बचा जा सके।
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