फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: फार्मर रजिस्ट्री आईडी नहीं बनाई तो किसान सम्मान निधि से होंगे वंचित

Tue, 03 Feb 2026 12:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। शासन प्रशासन के लाख जतन के बावजूद किसान फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। ऐसे में फार्मर आईडी न बनवाने किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल पाएगी। जिले में 3.30 लाख किसान सम्मान निधि के लिए पात्र पाए गए हैं।
विज्ञापन


कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 3.30 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बननी है, लेकिन अभी तक 2.24 लाख किसानों ने ही अपनी आईडी बनवाई है। ऐसे में करीब एक लाख किसानों को आगामी पीएम सम्मान निधि की किस्त से वंचित होना पड़ सकता है। विभाग द्वारा गांव-गांव रोस्टर के हिसाब से कैंप भी लगवाए जा रहे हैं। इन कैंपों का अभी तक 7,282 किसानों ने लाभ उठाकर अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवाई है। इसके अलावा पंचायत सहायक भी गांवों में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनवा रहे हैं। इसके तहत 23,331 किसानों ने अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवाकर यूनिक कोड हासिल किया है। शासन की ओर से किसानों के डिजिटल डेटाबेस तैयार कराने के लिए फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा रही है, जिसके लिए कृषि विभाग की ओर से किसानों को जागरूक करने के साथ ही गांव-गांव शिविर भी लगाए जा रहे हैं ताकि सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा सके। इसके बाद भी फार्मर रजिस्ट्री का कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है।

- यह है फार्मर रजिस्ट्री

फार्मर रजिस्ट्री एक डिजिटल डेटाबेस प्रक्रिया है। इसमें किसानों की पहचान, भूमि विवरण, फसल की जानकारी व संपर्क आदि जानकारी दर्ज की जा रही है। इस रजिस्ट्री के तहत हर एक किसानों को यूनिक कोड दिया जा रहा है। यह कोड विभागीय साइट पर दर्ज किया जाएगा तो किसान की संपूर्ण जानकारी प्रदर्शित हो जाएगी। इससे योजनाओं में पारदर्शिता आएगी और किसानों को भी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार दस्तावेज जमा नहीं करने होंगे।
विज्ञापन


किसानों को फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। रोस्टर के हिसाब से गांवों में कैंप भी लग रहे हैं। किसान स्वयं भी जनसुविधा केंद्र पर जाकर रजिस्ट्री बनवा सकते हैं। इससे उन्हें योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
विज्ञापन


- डॉ. संदीप पाल, डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें