कार्रवाई में आई तेजी तो स्टांप शुल्क में हुई बढ़ोतरी
सहारनपुर। स्टांप चोरी रोकने के लिए की गई कार्रवाई का परिणाम सामने आने लगा है। जनवरी माह के लक्ष्य के सापेक्ष 94.40 प्रतिशत राजस्व जुटाने के बाद जिले की प्रदेश में रैंकिंग 31वें स्थान पर पहुंच गई है। गत वित्तीय वर्ष में लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली में जिले की रैंकिंग 63वें स्थान पर थी।
बडे़ बैनामों के निरीक्षण और 388 मामलों में स्टांप की कमी के वाद दर्ज कराने की कवायद का सकारात्मक परिणाम आने शुरू हो गए हैं। इसके चलते न सिर्फ स्टांप चोरी कम हुई है बल्कि लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई है। लक्ष्य के सापेक्ष जनवरी माह में 94.40 प्रतिशत राजस्व जुटाकर निबंधन विभाग प्रदेश में 31वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि गत वित्तीय वर्ष में जनपद 63वें स्थान पर था। इसका कारण बैनामा कराने में स्टांप शुल्क की चोरी करने वालों के खिलाफ चल रही कार्रवाई और सर्किल रेट में बढ़ोतरी को माना जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक 1912 बैनामों की जांच की गई। इनमें से 388 मामलों में स्टांप की कमी पाई गई। उन पर 6.33 करोड़ रुपये के स्टांप की कमी के वाद भी दर्ज कराए गए।
निबंधन विभाग की जनवरी माह की रेंकिंग में जिले का स्थान 31वां आया है। जबकि गत वित्तीय वर्ष में जनपद का 63वां स्थान था। स्टांप चोरी पर अंकुश लगाने के लिए की गई कार्रवाई के चलते राजस्व में सुधार हुआ है।
- संजय श्रीवास्तव, सहायक निबंधक स्टांप।
गत वर्षों में स्टांप शुल्क की स्थिति (राजस्व करोड़ में)
वित्तीय वर्ष-------राजस्व------लक्ष्य के सापेक्ष आय----प्रदेश में स्थान
2015-16---------204.28---------77.10 प्रतिशत----------62 वां
2016-17---------181.24---------65.20 प्रतिशत----------60 वां
2017-18---------196.68---------69.10 प्रतिशत----------68 वां
2018-19---------231.91---------80.10 प्रतिशत----------65 वां
2019-20---------232.10---------76.14 प्रतिशत-----------63 वां
नोट: निबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार।