बेहट के रवासौली में भीड़ में शामिल रहे एक व्यक्ति को पकड़ती पुलिस। संवाद
सहारनपुर। शेखपुरा में हुए बवाल के मामले में सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर कई अन्य उपद्रवियों की पहचान हो गई है। जिनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। अभी तक हुई जांच में आया कि उपद्रवियों ने पथराव के दौरान कुछ नाबालिगों को आगे रखा था और उनके पीछे से पुलिस पर पथराव कर रहे थे, जिससे पुलिस नाबालिगों पर लाठीचार्ज न कर सके। यानी पूरी योजना के तहत बवाल को अंजाम दिया गया। वहीं, जिन 13 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था, उन्हें सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
दरअसल, बवाल के बाद सोमवार को शेखपुरा गांव का माहौल बदला नजर आया। गांव की जिन गलियों और चौराहों पर चहल-पहल रहती थी, वहां पर कम ही लोग नजर आए। सन्नाटा ऐसा कि लोग घरों के बाहर नहीं निकले। जिन युवाओं ने पुलिस पर पथराव किया, वह या तो भूमिगत हो गए या फिर घरों से बाहर नहीं निकल रहे। कुछ युवा से बाहर चले गए। जांच में यह भी आया कि शेखपुरा के अलावा भी पास के गांवों के युवा भीड़ में शामिल थे, जिन्होंने पथराव किया है। इस मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है। जिसमें स्पष्ट हुआ है कि यह बवाल पूरे योजनाबद्ध तरीके से था। इसलिए भीड़ ने आगे की तरफ कुछ नाबालिगों को भी रखा था और उनके पीछे से पथराव कर रहे थे। सीसीटीवी वीडियो के आधार पर सोमवार को पुलिस टीम फिर शेखपुरा में पहुंची। एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि उपद्रवियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस टीम की दबिश जारी है।
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शेखपुरा की घटना दुर्भाग्यपूर्ण : सांसद
सांसद इमरान मसूद ने कहा कि शेखपुरा गांव में हुई घटना बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। ज्ञापन शांतिपूर्ण दिया गया था, लेकिन बाद में कुछ युवकों ने बेवजह हंगामा किया। पैगंबर मोहम्मद की शान में गुस्ताखी करने वाले व्यक्ति को किसी सूरत में माफ नहीं किया जा सकता। उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग दोषी हैं, उन्हें सजा मिले, लेकिन निर्दोषों पर कार्रवाई न की जाए।