सहारनपुर में तीन बार कहा तलाक... तलाक... तलाक और घर से बच्चों सहित धक्का देकर बाहर निकाल दिया। जिसके साथ पूरी जिंदगी गुजारने के सपने देखे थे, पल भर में ही तीन लफ्ज बोलकर खत्म कर दिए। गरीब, बेसहारा अपने दोनों बच्चों को कहां जाए, एक विधवा मां पर कैसे बोझ बने ? पति की दहेज की भूख को कैसे पूरा करे ? उसे भी इंसाफ चाहिए।
इस बार तीन तलाक के खिलाफ उठ खड़ी हुई है शमीना। जनकपुरी थाना क्षेत्र के मोहल्ला खान आलमपुरा निवासी शमीना ने अपने पति पर दहेज के लिए मारपीट करने और दहेज न दिए जाने पर तीन बार तलाक कहकर घर से निकालने का आरोप लगाया है।
बृृहस्पतिवार को शमीना अपने दो बच्चों और मां के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और एसएसपी से अपने पति पर तलाक देकर घर से निकालने का आरोप लगाया।
शमीना का कहना है कि उसका निकाह लगभग 7 वर्ष पूर्व मोहल्ला नूर बस्ती मोहम्मदिया मस्जिद के पीछे गैस गोदाम के निकट रहने वाले अब्दुल रहीम के साथ हुआ था। जिसमें काफी दहेज भी दिया गया था, लेकिन पति ने दहेज कम बताते हुए उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उसके साथ मारपीट की जाने लगी।
इस दौरान उसने दो बेटों को जन्म दिया। दो बच्चे होने के बावजूद पति के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। लगातार यातनाएं दी गईं। उसने कई बार अपनी विधवा मां से 10-10 हजार रुपये लाकर अपने पति को दिए, लेकिन वह संतुष्ट नहीं हुआ।
लगभग 5 माह पूर्व उसके पति ने उसे तीन बार तलाक-तलाक-तलाक कहा और मारपीट कर दोनों बच्चों समेत घर से निकाल दिया। तब से वह दोनों बच्चों के साथ अपनी विधवा मां के साथ ही रह रही है।
इस संबंध में शमीना ने एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा है। जिसमें उसने तीन तलाक के मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। उसने कहा कि तीन तलाक कहने भर से रिश्ता खत्म नहीं होता।
उसने इसके साथ ही दहेज उत्पीड़न के तहत कार्रवाई करने एवं एफआईआर दर्ज कराए जाने की मांग की है। उसने एसएसपी से अपने एवं अपने बच्चों के गुजारे के लिए खर्च भी दिलवाए जाने की मांग की है।