सहारनपुर में पहले तो दहेज के लिए उत्पीड़न किया गया, फिर ससुरालियों ने मारपीट कर घर से निकाल दिया और बाद में सऊदी अरब में रह रहे उसके पति ने फोन पर उसे तीन तलाक दे दिया।
पुलिस में मामला दर्ज कराया तो आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की। सवा साल के बच्चे को गोद में उठाए बेहट थाना क्षेत्र की महिला अब आरोपियों पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रही है।
थाना बेहट के गांव रोगला हथौली निवासी इरफान की पुत्री कौसर का कहना है कि उसका विवाह 28 मार्च 2015 को चिलकाना के टोडरपुर गांव निवासी हाकम के साथ हुआ था। कौसर ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुरालियों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया।
ससुराल में दो लाख रुपये एवं कार की मांग करते हुए उसका उत्पीड़न किया गया। उसके साथ मारपीट की जाने लगी। उसके साथ उसके ससुरालियों द्वारा अभद्रता की जाने लगी। उसने विरोध किया तो उसके देवर बिलाल, अनस, सास इफरोज एवं पति हाकम ने उसके साथ मारपीट की और 17 अक्तूबर को उसे घर से निकाल दिया।
उसने थाना चिलकाना में आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट एवं अभद्रता का मुकदमा दर्ज कराया। आरोप है कि चिलकाना पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। उसके बाद उसका पति सऊदी अरब चला गया। उसका वहां से फोन आया।
फोन पर उसके साथ गाली गलौज की गई और उसे फोन पर ही तीन बार तलाक दे दिया। उससे कहा कि उसका उससे अब कोई संबंध नहीं है, उसके बेटे को वह उसके यहां पहुंचा दे। इस संबंध में कौसर ने एसएसपी को ज्ञापन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।