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कैसे बढ़े भूगर्भ स्तर, काम धरातल पर काम, कागजी ज्यादा

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बड़गांव क्षेत्र के गांव जड़ौदापांडा स्थित महाभारत कालीन पांडव तालाब। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। जिले का भूजल स्तर 17 मीटर तक नीचे गया । स्थिति में सुधार के लिए बड़ी संख्या में तालाब चयनित कर गोद लिए, लेकिन तालाबों की स्थिति दयनीय बनी है। धरातल पर खास काम नहीं हुआ, बल्कि कागजों में ही तालाब संरक्षित हो रहे हैं।
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भूगर्भ जल सप्ताह चल रहा है। इसके तहत लोगों को जल बचाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जल संरक्षण के प्राकृतिक स्त्रोतों पोखर और कुएं तो लगभग खत्म हो गए हैं, आदर्श तालाब योजना के तहत विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिलभर में तालाब गोद दिए गए थे, लेकिन उनकी हालात में कोई सुधार नहीं हो सका है। ग्राम प्रधान और ग्रामीण दावों की पोल खोल रहे हैं।
सिर्फ की गई खानापूर्ति
गागलहेड़ी। गांव कैलाशपुर के प्रधान अब्दुल वली ने बताया कुछ समय पूर्व एक विभाग के कर्मचारी गांव में आए और तालाब किनारे पौधरोपित कर फोटो खिंचवाकर चले गए। इसके बाद तालाबों की सुध नहीं ली। कुतुबपुर कुसानी के ग्राम प्रधान हसीन ने बताया तालाब का निरीक्षण कर कर्मचारी चले गए। आज तक तालाब की खोदाई या सफाई नहीं हुई। सुंहैटी खड़खड़ी के ग्राम प्रधान जोध सिंह ने बताया गांव में आठ तालाब हैं, लेकिन दो प्रमुख तालाबों पर अवैध कब्जे हैं।
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महाभारतकालीन सहित कई तालाब पर अवैध कब्जे
बड़गांव। क्षेत्र के गांव शिमलाना, जड़ौदा पांड़ा, दल्हेड़ी, बड़गांव में एक-एक तालाब का आदर्श तालाब योजना में चयन हुआ, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। तालाबों पर अवैध कब्जे हैं। जड़ौदा पांड़ा में तो सैकड़ों बीघा भूमि में महाभारत कालीन तालाब भी अवैध कब्जों की जद में है। ग्रामीण बताते हैं कि इस तालाब को पांडव तालाब के नाम से जाना जाता है। पांचों पांडव तालाब के किनारे पीपल के पेड़ के नीचे कुछ समय के लिए ठहरे थे।
नहीं हुई सफाई, गलियों में भर जाता है पानी
नकुड़। गांव सरूरपुर में आबादी के बीच स्थित तालाब की स्थिति बेहद खराब है। तालाब गंदगी से अटा है। बारिश में तालाब का पानी ओवर फ्लो होकर गलियों में ही भर जाता है। तालाब के किनारे अतिक्रमण है। ग्राम प्रधान पति प्रवीण सैनी ने बताया कि तीन बार तालाब की सफाई करा चुके हैं। अतिक्रमण को लेकर अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मुजफ्फराबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत अलीपुर भागूवाला जल संरक्षण के लिए वर्ष 2016-17 में तालाब की खोदाई कराई गई थी। ग्राम प्रधान डाक्टर संजीव ने बताया कि तालाब के किनारे पौधरोपण भी किया। पेड़ तैयार हो गए हैं, लेकिन तालाब गंदगी से अटा है। रख रखाव और खुदाई के लिए बजट नहीं है।
नैन खेड़ी का तालाब झील में परिवर्तित कर विश्व पटल पर चमकाया नाम
रामपुर मनिहारान। भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए गांव नैन खेड़ी का नाम देश में ही नही विश्व पटल पर भी सुर्खियों में है। ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह ने गांव के तालाब को झील में परिवर्तित कर गिरते भूजल स्तर को ऊपर उठाने में कामयाबी हासिल की। इटली की छात्रा इरेन तवारीनी ने अपने शोध के लिए इस गांव को चुना है। 22 दिन तक गांव में रहकर शोध किया। भूल जलस्तर में सुधार होने की वजह हैंडपंप से भी अब शुद्ध पेयजल निकल रहा है। ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह को दिल्ली में भूजल सर्वेक्षण की ओर सम्मानित भी किया जा चुका है। तालाब में अब वोटिंग भी होती है।
13 गांव में तालाबों का सुदृढ़ीकरण शुरू
देवबंद। तालाबों के सुदृढ़ीकरण का कार्य मनरेगा के अंतर्गत कराया जा रहा है। इसमें तालाब की साफ सफाई के बाद पौधरोपण का कार्य कराया जाएगा। कार्यवाहक खंड विकास अधिकारी दुष्यंत कुमार ने बताया ब्लॉक के करीब 13 गांव में मनरेगा के तहत तालाबों की खोदाई का कार्य चल रहा है। उक्त कार्य करीब 20 दिन में संपन्न किया जाएगा। चंदेना कोली गांव में तालाब की खोदाई का कार्य कराया। इसी गांव में दूसरे तालाब को पूर्व में बाउंड्री कराई, इसमें मछली पालन का कार्य किया जाता है। एसडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया तालाबों की जमीन से अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे।
तालाबों के सुदृढ़ीकरण के प्रति संबंधित अधिकारियों को निर्देश किया। कहीं पर कोई लापरवाही सामने आएगी तो कार्रवाई होगी। कई जगहों पर अच्छा काम भी हुआ है। अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी

अंबेहटा क्षेत्र के गांव दैदपुरा में गंदगी से अटा तालाब और हुए कब्जे।- फोटो : SAHARANPUR

गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव कुतुबपुर में तालाब पर हुआ कब्जा।- फोटो : SAHARANPUR

नागल क्षेत्र के गांव नासिरपुर डिगौली में तालाब पर हुआ कब्जा।- फोटो : SAHARANPUR

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