प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन को पूरा करने में जिले में अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। क्योंकि, साढ़े तीन साल से चल रही योजना में 887 में आधी ग्राम पंचायतों को भी खुले में शौच से मुक्त नहीं किया जा सका है। जबकि, इसी साल जून माह में जनपद को ओडीएफ घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वच्छ भारत मिशन को लेकर शासन गंभीर हो गया है। दो दिन पूर्व प्रमुख सचिव और जनपद के नोडल अधिकारी हेमंत राव ने दौरा कर मिशन की हकीकत देेखी तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई थी।
जिला पंचायत राज विभाग ने दावा किया था कि अभी तक 403 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) बना दिया गया है, जिनकी जल्द घोषणा की जाएगी। मगर, हकीकत यह है कि अभी तक 325 ग्राम पंचायतें ही ओडीएफ हो पाई है और उनमें भी तमाम खामियां मिल चुकी हैं।
कई जगहों पर शौचालय बने होने बावजूद ग्रामीण जंगल में शौच को जा रहे हैं। बाकी ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण के लिए जून तक का समय निर्धारित है। इसके तहत डेढ़ लाख शौचालय बनाए जाने हैं। मगर, बजट के अभाव और अधिकारियों की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते यह मिशन पूरा होता नहीं दिख रहा है।
प्रमुख सचिव हेमंत राव ने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को कार्य प्रणाली में सुधार लाने की नसीहत दी थी। वर्तमान में सरकारी तंत्र का पूरा जोर स्वच्छ भारत मिशन को पूरा करने में है। लेकिन, काम समय से पूरा ना होने के कारण अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।
पकड़े जा चुके हैं गबन के मामले
सहारनपुर। शौचालय निर्माण कार्य में गबन के मामले पकड़े जा चुुके हैं। पिछले दिनों 31 ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण में अनियमितता पाई गई थी, जिसकी जांच चल रही है। दो दिन पूर्व सहारनपुर आए प्रमुख सचिव ने भी सरकारी धन का गबन करने वाले प्रधानों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इससे साफ है कि शौचालय निर्माण के लिए शासन से आ रही धनराशि का गोलमाल किया जा रहा है।
जागरूक नहीं हो रहे ग्रामीण
सहारनपुर। कई ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों ने अपने स्रोत से शौचालय का निर्माण कराकर गांव को खुले में शौच से मुक्त कराया। उधर, कई ग्राम पंचायतों में सरकार द्वारा शौचालय बनवाए गए।
मगर, जागरूकता के अभाव में ग्रामीण शौचालय होने के बावजूद जंगल में शौच को जा रहे हैं। जिला पंचायत राज विभाग द्वारा जागरूकता रैली भी निकाली गई। लेकिन, ग्रामीण फिर भी जागरूक नहीं हो रहे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाए जाने का कार्य निर्धारित समय में पूरा कर लिया जाएगा। शौचालय निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप जनपद को जून तक ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा।
- सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी