सहारनपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में नगर निगम सहारनपुर को पहला स्थान मिलना आसान नहीं है। क्योंकि सर्वेक्षण के कई बिंदुओं पर नगर निगम खरा नहीं उतर रहा है। अगर हम शहर में शुलभ शौचालय और मूत्रालयों की बात करें तो अधिकतर पर ताले लटके हुए हैं। जिनका उपयोग जनता नहीं कर पा रही है। उधर रैंक सुधारने के लिए सफाई और शौचालयों की हालत पर जनता से फीडबैक लिया जा रहा है, जिसके लिए करीब 12 टीमें शहर में उतरी हैं। ऐसी स्थिति में जनता कैसा अनुभव बताएगी यह सभी के सामने है।
सर्वेक्षण के तहत नगर निगम की टीमें प्रत्येक वार्ड में पहुंचकर जनता से सफाई व्यवस्था, मूत्रालय और शौचालयों की व्यवस्थाओं पर बात कर रही है। नगर निगम की टीम जनता से तो फीडबैक लेने निकल पड़ी, लेकिन शौचालय और मूत्रालयों पर लटके तालों को खोलना भूल गई। जिससे साफ हो रहा है कि निगम प्रशासन की लापरवाही के चलते एक बार फिर से नगर निगम सहारनपुर को स्वच्छता में उचित स्थान नहीं मिल पाएगा।
इस तरह खुली पोल ---
बुधवार को अमर उजाला टीम ने शहर के कुछ शौचालय और मूत्रालयों की स्थिति का जायजा लिया। जिसमें निगम प्रशासन की लापरवाही खुलकर सामने आ गई। टीम ने सबसे पहले चिलकाना रोड पर अमन पैलेस के ठीक सामने सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय की स्थिति देखी। इनका निर्माण कुछ दिन पहले ही हुआ है। शौचालय और मूत्रालय को काफी समय पहले जनता को समर्पित किया गया। जिसका शिलापट शौचालय के ठीक बाहर लगा है। मगर यहां बने महिला और पुरुष शौचालयों पर ताले जड़े हैं। इसकी वजह से लोगों को खुले में लघुशंका करनी पड़ रही है।
इसके बाद टीम ने 62 फुटा रोड पर भी सार्वजनिक शौचालय की स्थिति देखी। जिस पर भी कई माह से ताला लटका हुआ है। 62 फुटा रोड से मंडी समिति रोड की ओर चलने पर भी बीच में एक सार्वजनिक शौचालय है, जिस पर ताले जड़े हुए हैं। ऐसे में सवाल यह है कि उक्त क्षेत्रों में जनता क्या ऐसा फीडबैक देगी, जिससे निगम की रैंक में सुधार हो।
- वर्जन
जिन शौचालयों या मूत्रालयों पर ताले लगे हैं। वह पेड शौचालय और मूत्रालय हैं, जिनका इस्तेमाल पैसा देकर किया जाता है। उक्त शौचालयों पर कर्मचारी छोड़े जाने हैं। कर्मचारी तैनात होते ही ताले खोले जाएंगे।
डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।