सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र में रविवार की रात आंधी व बारिश ने जमकर कहर बरपाया। देवबंद के जाटोल गांव में कच्चा मकान ढह जाने से एक अधेड़ महिला की मौत हो गई।
वहीं, सड़कों किनारे खड़े पेड़ उखड़कर विद्युत तारों पर गिर पड़े, जिस कारण तार टूटने से दर्जनों गांवों की बत्ती गुल हो गई। उत्तराखंड की सीमा से सटे जाटोल गांव में आंधी-बारिश के दौरान पड़ोसी की दीवार मीरहसन के कच्चे मकान पर गिर पड़ी।
इससे मीरहसन का मकान भरभराकर ढह जाने से उसके भीतर बैठी पत्नी नाजिमा (55) मलबे के नीचे दब गई। आंधी-बारिश रुकने के बाद आसपास के लोग मीरहसन के मकान की तरफ दौड़ पड़े और मलबे में दबी नाजिमा को किसी तरह बाहर निकाला।
उसे चिकित्सक को दिखाया गया, लेकिन तब तक नाजिमा दम तोड़ चुकी थी। सूचना मिलते ही सोमवार की सुबह तहसीलदार आलोक गुप्ता जाटोल गांव में पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से साफ इंकार कर दिया।
इसके बाद तहसील की टीम वापस देवबंद लौट आई। वहीं, जाटोल गांव में हरीशचंद मास्टर के घर के आंगन में खड़ा नीम का पेड़ गिरने से दीवार भरभराकर ढह गई। ग्रामीणों ने बताया कि आसपास के दर्जनों गांव की बत्ती रविवार की रात से गुल पड़ हुई है।
क्योंकि, पेड़ उखड़कर विद्युत तारों पर गिर पड़े, जिससे लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, देवबंद क्षेत्र के कई गांवों में भी विद्युत आपूर्ति आंधी व बारिश के कारण बाधित पड़ी है। एक्सईएन जागेश कुमार ने बताया कि जहां-जहां भी आंधी से नुकसान पहुंचा है, आपूर्ति को सुचारु करने के लिए कार्य किया जा रहा है।
नागल। रविवार रात बारिश के साथ आई तेज आंधी ने क्षेत्र में जन जीवन अस्त व्यस्त कर दिया। क्षेत्र की बिजली की आपूर्ति भी विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त होने से ठप पड़ी है। नागल-डिगोली मार्ग, जोला मार्ग, फतेहपुर मार्ग पेड़ टूट कर गिरने के कारण पूरी तरह से अवरुद्ध रहे। गांव डिगोली में प्रवीण, सुल्लर सिहं, राजेंद्र, सुधीर, जितेंद्र, नवीन, आदि के मकानों पर पड़े टीन शेड और छप्पर हवा में उड़ गए, जबकि न्यादर का कटड़ा पेड़ के नीचे दबकर मर गया।