चार को गंभीर होने पर जिला अस्पताल भेजा
राजस्व टीम ने मौके पर पहुंच किया नुकसान का आंकलन
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नकुड़/गंगोह/नागल। जिले में दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश से नकुड़, गंगोह और नागल में मकानों की छत गिर गई। नकुड़ में मलबे में दबने से एक ही परिवार के सात लोग घायल हो गए, जिनमें से चार को गंभीर होने पर जिला अस्पताल भेजा गया है। नागल में दंपती और उनके दो बच्चे मलबे में दबने चोटिल हो गए। जिनकी प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी कर दी गई। राजस्व टीम ने मौके पर पहुंच कर नुकसान का आंकलन किया।
नकुड़ के गांव डाल्लेवाला में मेमो पत्नी स्व. लील्लू कश्यप अपने परिवार के सदस्यों के साथ अपने कच्चे मकान में सो रही थी। बताया जाता है कि शनिवार की आधी रात मकान की छत गिर गई और छत के मलबे में परिवार के मेमो, मोहित, सोनिया, वैशाली, सारंग, वर्षा व रुपेंद्र मलबे में दब गए। चीख पुकार सुनकर आए ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और सीएचसी में भर्ती कराया। वहां से चिकित्सकों ने मेमो, मोहित, सोनिया व सारंग को जिला अस्पताल रेफर किया गया। एसडीएम अजय कुमार अम्बष्ट ने बताया कि राजस्व टीम को मौके पर भेज कर नुकसान का जायजा लेकर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
गंगोह के मोहल्ला गुलाम ओलिया में कलंदर चौक पर अरशद पुत्र जमशेद का कच्चा मकान है। रविवार सुबह मकान की छत गिर गई। उस समय मकान से सभी बाहर थे जिसमें बड़ा हादसा होने से बच गया। सूचना मिलने पर गंगोह लेखपाल अमित सैनी, लेखपाल रामनारायण व विपुल सैनी ने मौके पर पहुंच कर जांच की।
नागल के गांव कपासा में शनिवार रात जसवीर की पत्नी रीना और उसके दो छोटे बच्चे कार्तिक तथा कीर्ति तथा जसवीर की भाभी बेबी एक कमरे में सोए हुए थे। सुबह करीब पांच बजे मकान की छत का एक हिस्सा दीवार सहित नीचे गिर गया तो मौके पर चीख पुकार मच गई। शोर सुनकर जसबीर और उसका भाई दौड कर मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर पीड़ितों को बाहर निकाला। मलबे में दबने से रीना, कार्तिक और कीर्ति घायल हो गए जबकि उन्हें निकालते वक्त जसवीर भी चोटिल हो गया। घायलों को सीएचसी नागल पर भर्ती कराया गया।