सहारनपुर जनपद में फतेहपुर पुलिस ने महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने प्रेमजाल में फंसाकर एक व्यक्ति से जमीन का फर्जी बैनामा कराया था। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 10 लाख रुपये ऐंठने की साजिश रची थी। पुलिस ने इनके कब्जे से 1.48 लाख रुपये नकद, दो मोबाइल और एक बैग बरामद किया है।
शनिवार को पुलिस लाइन में एएसपी मनोज कुमार यादव ने बताया कि थाना फतेहपुर के गांव दतौली मुगल के रहने वाले आरिफ खान ने हनीट्रैप में फंसाकर जमीन का एग्रीमेंट कराने का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि शहजाद, कादिर, हसीन, सावेद और अरशद ने एक युवती के माध्यम से हनीट्रैप में फंसा लिया। उसका वीडियो भी बनाया।
इसके बाद आरोपी उसे ब्लैकमेल करते रहे। 10 लाख रुपये की मांग की गई, लेकिन रकम नहीं होने के कारण एक बीघा जमीन बेचने के लिए राजी हो गया। बदनामी से बचने के लिए जमीन का एग्रीमेंट कर दिया। हालांकि, 12 जुलाई को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। इसके बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। पुलिस ने गांव के ही शहजाद, अरशद, उसके भाई सावेद और सड़क निवासी स्वाति को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे रची हनीट्रैप की साजिश
एएसपी मनोज कुमार यादव ने बताया कि पीड़ित आरिफ खान को आरोपियों ने पहले स्वाति को उसके नजदीक भेजा। 25 दिसंबर 2024 को आरिफ ने स्वाति को अपने खेत टपरी में बुलाया। वहां दोनों के मिलने के दौरान आरोपी कादिर ने चोरी-छिपे वीडियो और फोटो बना लिए। इसके बाद गिरोह ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी और 10 लाख रुपये की मांग की।
17 जनवरी 2025 को चारों आरोपी आरिफ को लेकर चुपचाप कचहरी पहुंचे और एक बीघा जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करा लिया। एग्रीमेंट में 10 लाख की पेशगी दिखाई गई, जिसमें 2.50 लाख नगद और 7.50 लाख रुपये के दो चेक दिखाए गए। 7.50 लाख रुपये का चेक वापस ले लिया था और उसमें से बची रकम स्वाति को देने आए थे। कादिर व हसीन अभी फरार है।