हम नहीं सुधरेंगे सहारनपुर में लॉकडाउन के चलते किशनपुरा में दवा खरीदने के लिये उमड़ी भीड़
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सहारनपुर। मंडलायुक्त संजय कुमार ने कहा कि बाजारों और मंडियों में सुबह के समय भीड़ लगती है, ऐसे में लॉकडाउन का पूरी तरह पालन नहीं पा रहा है। इसी को देखते हुए होल डिलीवरी की व्यवस्था पूरे मंडल में कर दी गई है। इसके साथ ही दवाएं भी जरूरतमंदों को घर-घर पहुंचाई जाएंगी। इनमें वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि दवाओं की सप्लाई में आ रही दिक्कतों को भी दूर कराया जाए ताकि आगे कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि दवाओं की होम डिलीवरी के लिए केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के साथ बैठक की जाए। मेडिकल स्टोरों को चिह्नित कर घर-घर डिलीवरी के लिए सरकारी कर्मचारी नियुक्त किए जाएं। दिव्यांगजनों और गरीबों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई जाए। इसमें स्वयं सहायता संगठनों की सहायता ली जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति की भूख की वजह से मृत्यु होने की घटना हुई तो उस लापरवाही को कतई क्षमा नहीं किया जाएगा। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए धर्मशालाओं, बैंक्वेट हॉल आदि को अधिकृत करें। इन सभी निर्देशों पर हुए कार्यों की दैनिक रिपोर्ट रोजाना शासन को भेजी जाए।
दवाओं की सप्लाई सुचारु करने को मांगे सुझाव
लॉकडाउन के दौरान दवाओं की सप्लाई के दौरान आ रही अड़चनों को देखते हुए जिला प्रशासन ने दवा कारोबारियों से सुझाव मांगे हैं। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महासचिव प्रदीप लूथरा बताते हैं कि गाजियाबाद सहित अन्य जिलों के साथ दूसरे राज्यों से दवाओं की सप्लाई के लिए वाहनों को पास दिलाने सहित रास्तों में आने वाली रुकावटें दूर करना जरूरी है। इस बारे में डीएम को समस्याओं के साथ कुछ सुझाव दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वाहनों के पास की अनुमति तो स्वीकृत हो गई है। लेकिन इससे पहले कारोबारियों को रूट लेआउट देना है। जिले में हर दिन तीन से चार करोड़ का दवा कारोबार होता है।