अंबेहटा। रनियाला दयालपुर गांव में तालाब खोदाई के दौरान इससे सटे अंबेहटा के श्मशान घाट की जमीन पर अतिक्रमण करने को लेकर कस्बावासियों ने मौके पर पहुंच काम रुकवा दिया। इसे लेकर उनकी राजस्व टीम ने नोकझोंक भी हुई। बाद में श्मशान घाट की जमीन पर बनाए गए रास्ते को ध्वस्त करने के बाद ही लोग शांत हुए।
शनिवार को मौके पर पहुंचे कस्बे के विनोद मित्तल, कुलदीप मित्तल, नामित सभासद अजय रुहेला, सतीश पांचाल, नरेश गोयल आदि लोगों ने बताया कि ठेकेदार द्वारा निशानदेही को अनदेखा करके श्मशान की कुछ भूमि पर भी खोदाई कर दी। जिस भूमि को खोदाई करके तालाब में मिलाया गया है उस पर हिंदू समाज के लोग मृत बच्चों को दबाते हैं। खोदाई के दौरान वहां दबे बच्चों के अवशेषों को भी खुर्द-बुर्द कर दिया गया। खोदाई करीब 20 से 25 फिट गहरी कराई जा रही है जो मानकों के विपरीत है। उन्होंने ठेकेदार द्वारा तालाब में जाने के लिए श्मशान की भूमि पर रास्ता बनाने को लेकर आक्रोश जताया। उनके रोष को देखते हुए पुलिस ने वहां चल रहे कार्य को रुकवा दिया।
हल्का लेखपाल सूरज कुमार,जल निगम के जेई सुधीर कुमार, रनियाला दयालपुर के लेखपाल सुशील कुमार व ग्राम प्रधान सुभाष चन्द मौके पर पहुंचे। कस्बा वासियों ने जमीन की दोबारा पैमाइश कराकर श्मशान से निकाले गए रास्ते को बंद कराने की मांग की। इसे लेकर कस्बावासियों व राजस्व टीम के बीच नोक-झोंक भी हुई। बाद में जेई सुधीर कुमार ने रास्ते को तत्काल ध्वस्त कराकर पैमाइश के हिसाब से श्मशान की जमीन को पूरा करने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया।