सदर पुलिस द्वारा फर्जी डिग्री के साथ पकड़े गए आरोपी
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सहारनपुर। फर्जी डिग्री के मामले में पकड़े गए गिरोह के सदस्यों ने पश्चिम यूपी समेत कई राज्यों में नेटवर्क फैला रखा है। आरोपी सवा लाख में हाईस्कूल और 4.50 लाख रुपये में बीएएमएस की डिग्री बनाकर बेचते थे। इनका खेल करीब तीन साल से चल रहा था। सभी आरोपी ग्रेजुएशन से लेकर पीएचडी धारक हैं। यूपी ही नहीं बल्कि नागालैंड, सिक्किम यूनिवर्सिटी तक की फर्जी डिग्री बनाई।
एसपी सिटी के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके गिरोह में 10 से अधिक सदस्य शामिल हैं, जो सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, लखनऊ, बरेली और गाजियाबाद में रहते हैं। दो तरीके से डिग्री बनाते थे। अगर किसी व्यक्ति की डिग्री दे दी गई, जब उसे यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से ऑनलाइन चेक किया गया तो वहां उस डिग्री का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता था। इसके लिए वह हाई क्वालिटी के प्रिंटर इस्तेमाल करते थे। दूसरी तरह की डिग्री को बैक डेट में बनवाते थे, जो यूनिवर्सिटी से जारी होती थी। इसमें यूनिवर्सिटी से संलिप्तता हो सकती है। फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने के लिए शुल्क निर्धारित है।
हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की मार्कशीट के 1.20 लाख, बीएएमएस की डिग्री के 4.50 लाख, बी फार्मा और डी फार्मा के लिए 3.50 लाख वसूलते थे। वह अब तक 400 से अधिक मार्कशीट और डिग्री बना चुके हैं।