सहारनपुर। विश्व किडनी दिवस बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। किडनी शरीर का एक ऐसा अंग, जिसके खराब होने पर इलाज बहुत महंगा रहता है। कई बार मरीज की जान भी चली जाती है। किडनी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल की हीमो डायलिसिस यूनिट में रोजाना 36 मरीजों की डायलिसिस होती है।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी बताते हैं कि सीकेडी (क्रोनिक किडनी डिजीज) का मुख्य कारण अनियंत्रित हाई ब्लडप्रेशर और मधुमेह है। सीकेडी के पहली और दूसरी स्टेज में कोई लक्षण सामने नहीं आते हैं। तीन, चार या पांचवीं स्टेज में आकर बीमारी का पता चलता है। ऐसे में मधुमेह और हाई ब्लडप्रेशर के मरीज समय-समय पर अपनी किडनी की जांच कराते रहे। किडनी की दो मुख्य जांच ईजीएफआर और एमसीआर हैं। जिला अस्पताल में हीमो डायलिसिस यूनिट के प्रबंधक मोहित कुमार ने बताया कि तीन शिफ्टों में किडनी मरीजों की डायलिसिस होती है। जल्द ही एक और मशीन मिलने जा रही है।
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किडनी के मरीज यह खाएं
- मैदा, सूजी, मैदे की सेविया और मूली के पत्ते।
- आरारोट पाउडर, गुलाबी मूली, घीया, तोरी, फलियां, खीरा।
- कच्चा आम, तोरी, टिंडा, सिंघाड़ा, मटर, शिमला मिर्च, सोया पनीर।
- सूजी और साबूदाने की खीर, सोयाबीन की बड़ी, बिना बीज का करेला और सफेद चावल।
मरीज यह खाने से बचें
- ताजा जूस, कोल्ड ड्रिंक, नींबू पानी, ताजा नारियल।
- बूस्ट, होरलिक्स, बोनविटा, चॉकलेट, जैली, जैम, नमकीन, केक, पेस्ट्री, चटनी और अचार।
- छिलके वाली दालें, अनाज, कॉफी, धनिया, कच्ची हरी पत्तेदार सब्जी, बैंगन, कटहल और बथुआ।
- तरबूज, लोकाट, मौसमी, आडू, फालासा, टमाटर, आंवला, लीची, चोकर युक्त आटा।
- ड्राई फ्रूट, काजू, बादाम, अखरोट आदि।