पठानकोट में आतंकी हमला और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के हरिद्वार में आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद मंडल के तीनों जिलों में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया है।
शुक्रवार को ही डीआईजी अशोक कुमार राघव ने सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर गणतंत्र दिवस से पहले कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बारे में दिशा-निर्देश दिए।
डीआईजी ने कहा कि जिले की सड़कों से लेकर सोशल साइटों पर नजर आने वाली हर संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी कड़ी की जाए। उन्होंने कहा कि आतंकी घटनाओं के बीच ही हरिद्वार में अर्द्ध कुंभ, गणतंत्र दिवस और देवबंद उपचुनाव के मद्देनजर अब सुरक्षा प्रबंधों के लिए अधिक सतर्कता की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सरसावा एयरफोर्स के आसपास खुफिया तंत्र के साथ सक्रिय रहने के अलावा गांवों और कस्बों में लंबे समय से लापता अपराधी या संदिग्धों को चिन्हित करने, किराएदारों और बाहरी लोगों का भौतिक सत्यापन तेज करने, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, होटलों, ढाबों, बैंकों, शिक्षण संस्थानों और बड़े उद्योगों की दिन में तीन चार बार चेकिंग की जाए।
रात में टीम और जगह बदलकर की जाए गश्त
सर्द मौसम में रात के समय शहर से देहात तक की सड़कों पर सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत रखने के लिए रात में गश्ती टीम और जगह बदलकर जांच कराने को कहा गया।
इसके अलावा टाटा मैजिक जैसे खुले वाहनों में पशुओं को लेने से रोकने के निर्देश दिए गए। जिससे पशु चोरियों की वारदातें बच सकें। उपचुनाव को देखते हुए शराब तस्करी पर भी अंकुश लगाने के निर्देश डीआईजी की ओर से दिए गए।
थानों पर चस्पा कराए जाएंगे ग्राम प्रधानों के नंबर
शहरों, कस्बों और गांवों में सुरक्षा प्रबंधों के साथ ही आपसी सद्भाव के लिए नेटवर्क बेहतर करने के लिए थानों पर नए ग्राम प्रधानों और गणमान्य लोगों के नंबर अंकित करने के दिए निर्देश दिए गए ताकि किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आने या सद्भाव बिगड़ने के हालत में पुलिस जल्द मौके पर संपर्क कर सके। इसके अलावा गांवों में गणमान्य लोगों की सौहार्द समितियां बनाने को भी कहा गया।
आपत्तिजनक पोस्ट की तो कार्रवाई
सहारनपुर। सोशल साइटों पर किसी आपत्तिजनक पोस्ट को अपलोड करने या जनमानस की भावनाएं भड़काने जैसे मामलों में साइबर टीम व्यक्तियों को चिन्हित करें। गंभीर प्रकरणों में आरोपी को गिरफ्तार करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। आपत्तिजनक पोस्ट पर निगरानी के लिए मंडल के जिलों में नोडल अधिकारियों की तकनीकी टीम बनाने को भी कहा गया।