- बारिश के कारण नमी और उमस से फंगल इंजेक्शन के मामले बढ़े
- त्वचा रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में पहुंच रहे हैं सबसे अधिक मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। बारिश के कारण नमी और उमस फंगल इंफेक्शन को बढ़ा रहा है। कई लोग खुद का इलाज कर रहे हैं, जिससे फंगल इंफेक्शन की बामारी जिद्दी हो रही है, जो ठीक होने का नाम नहीं ले रही है। जिला अस्पताल में इन दिनों सबसे अधिक भीड़ भी त्वचा रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में लग रही है।
मौसम का बदलाव बीमारियां लेकर आता है। इन दिनों सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार, पेट दर्द के साथ ही फंगल इंफेक्शन के मरीज पहुंच रहे। एसबीडी जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशु शर्मा बताते हैं कि ओपीडी में प्रतिदिन 150 से 200 मरीज त्वचा रोग के इलाज के लिए आ रहे हैं।
इनमें से अधिकांश मरीजों में दाद, खुजली और फंगल इंफेक्शन की शिकायत है, जो पहले 15 दिन अंदर ठीक हो जाती थी, लेकिन दवा लेने की अवधि दोगुनी हो गई है। लोग शुरुआत में खुद से मेडिकल स्टोर से दवा लेकर इलाज शुरू कर देते हैं, जिससे इंफेक्शन और अधिक जिद्दी हो जाता है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि व्यक्ति खुद चिकित्सक बनकर अपना इलाज न करें। चिकित्सक को दिखाएं, ताकि समय से इलाज शुरू हो सके।
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ऐसे करें बचाव
- तंग और सिंथेटिक कपड़ों को पहनने से बचें।
- संक्रमित व्यक्ति के तौलिया या कपड़े न पहनें।
- रोजाना स्नान करें और शरीर को सूखा रखें।
- पूरी दवा की अवधि तक इलाज जरूर करें, भले ही आराम मिल जाए।
- खुजली या लाल चकत्ते दिखें तो खुद इलाज करने से बचें। चिकित्सक को दिखाएं।