गंगोह पहुंचा प्रवासी कामगारों का दल।
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गंगोह (सहारनपुर)। सैकड़ों किलोमीटर का पैदल सफर तय करके अपने घरों की ओर जा रहे कामगारों को अन्नपूर्णा रसोई के सेवादारों ने खाना खिलाया और उन्हें आगे के सफर के लिए विदा किया। उनके सफर की दुश्वारियां यहीं खत्म नहीं हुई। अभी उन्हें घर पहुंचने को 650 किलोमीटर की दूरी तय करनी है।
पंजाब के लुधियाना शहर से 250 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर गंगोह पहुंचे गोरखपुर और फतेहपुर जनपद के राजेश, विनोद, तौफिक, मनीश, विकास, सोनू, सुनील, ज्ञानचंद, सोनू, सुनील ने बताया कि वह लोग पंजाब में राज मिस्त्री का कार्य करते थे। कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन में कार्य बंद हो गया। मकान मालिक ने किराया नहीं देने पर घर से निकाल दिया। किसी ने मदद नहीं की तो वे पैदल ही अपने घरों के लिए चल पड़े।
उन्होंने बताया कि रास्ते में पुलिस की फटकार और मार झेलते हुए जंगल, नालों और यमुना नदी को पार करके वह यहां तक पहुंचे हैं। पैरों की सूजन को देख कर जब आगे के सफर के बारे में उनसे पूछा तो उनकी आंखों में आंसू आ गए। इसके बाद प्रेस क्लब द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा रसोई के सेवादार नवीन, हर्षद बजाज, सुरेश अरोड़ा, नितिन ने उन्हें भोजन कराया। जबकि मोहल्ले के विकास, अंकुश, युवराज, विशाल ने रास्ते के लिए उन्हें दवा व अन्य जरूरी सामान देकर रवाना किया।