सहारनपुर में मौत के साथ जिंदगी की जंग लड़ रही नौ वर्षीय खुशी का समाचार अमर उजाला के मंगलवार के संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद मदद के लिए लोगों ने हाथ बढ़ाए हैं।
केवल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि कई लोग खुशी की खुशी के लिए अपनी किडनी तक देने को तैयार हैं। कई लोगों ने सीधे खुुुशी के परिवार से संपर्क किया है।
परचून की दुकान पर काम करने वाले मनोज को दो महीने पहले ही पता चला है कि उनकी बेटी खुशी की दोनों किडनी खराब हैं। तब से वह बेटी के इलाज के लिए सहारनपुर से चंडीगढ़ तक चक्कर काट आए हैं, मगर आर्थिक तंगी की वजह से बेटी का इलाज कराने में लाचार हैं।
जब अमर उजाला को परिवार की इस पीड़ा का पता चला तो अमर उजाला ने इसे मुहिम के रूप में लिया और मनोज के घर जाकर पूरी हकीकत जानी। मंगलवार के संस्करण में खुशी से जुड़ा समाचार प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद जिले भर से लोगों के फोन मदद करने के लिए आना शुरू हो गए।
जानकार हैरानी होगी कि कई लोगों ने किडनी तक देने की बात कही है, जिनमें एक व्यक्ति सरसावा के सलेमपुर के रहने वाले हैं और दूसरे पुष्पांजलि विहार निवासी।
देवबंद व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजय सिंघल ने अपने साथियों अखिलेश जैन, अरुण अग्रवाल, राजीव गुप्ता, अजय बंसल, सत्यप्रकाश वर्मा, संजीव अग्रवाल, मुकुल गुप्ता, निशांत गुप्ता और इलियास कुरैशी के साथ अमर उजाला कार्यालय पहुंचकर खुशी के पिता को चेक के जरिए गुप्त आर्थिक मदद की।
यदि आप खुशी को बचाने के लिए उसके परिवार को आर्थिक मदद करना चाहते हैं तो खुशी की मां ममता के भारतीय स्टेट बैंक के अकाउंट नंबर 34771992040 में सीधे पैसा जमा करा सकते हैं।
इसके बाद बैंक में पैसा जमा कराने की रसीद लेकर अमर उजाला पहुंचे। अमर उजाला मदद करने वालों की सूची प्रकाशित करेगा। यदि कोई व्यक्ति अपना गुप्त दान करना चाहता है तो भी अमर उजाला को अवगत कराएं।