सहारनपुर। बढ़ती सर्दी के साथ ही दिल से जुड़ी बीमारियां बढ़ने लगी है। अब यह खतरा केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। हाल यह है कि निजी और सरकारी अस्पतालों में आए दिन दिल के मरीज पहुंच रहे।
सर्दी का सितम लगातार बढ़ रहा है। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया। ऐसे में दिल के मरीजों की तकलीफ ज्यादा बढ़ गई। अनियंत्रित जीवनशैली, बढ़ता मानसिक तनाव, धूम्रपान, शराब सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी युवाओं के दिल को कमजोर कर रही है। यही वजह है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों की ओपीडी में 35 साल से कम उम्र के मरीज की संख्या दोगुनी हो गई। ऐसे में सर्दी के मौसम में युवा बहुत ही अलर्ट रहने की जरूरत है। कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से चेकअप कराएं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर राठी ने बताया कि सर्दी के मौसम में शरीर की रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इस दौरान सीने में दर्द, एंजाइना पेन और हार्ट अटैक की घटनाएं बढ़ जाती है। खासकर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित मरीजों के लिए यह मौसम ज्यादा खतरनाक साबित होता है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
- वजन, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें।
- रोजाना योग, प्राणायाम और तेज चाल से पैदल चलें।
- जंक फूड, फास्ट फूड और पैकेट वाले खाने से दूरी बनाएं
इसलिए हो रहा हार्ट अटैक
- परिवार में हार्ट अटैक की हिस्ट्री
- लंबे समय से धूम्रपान और शराब सेवन
- अनियंत्रित जीवनशैली और मानसिक तनाव
- मोटापा, फास्ट फूड और शारीरिक श्रम की कमी