सहारनपुर। सर्दी में दिल धोखा देने लगा है। सर्दी में हृदय की धमनियां के सिकुड़ने के कारण हार्ट अटैक का खतरा मंडराने लगा है। सरकारी और निजी अस्पताल में दिल के मरीज पहुंच रहे हैं। युवाओं में भी हार्ट अटैक की समस्या बढ़ रही है। विशेषज्ञों की मानें हार्ट अटैक आने पर जिंदगी बचाने के लिए पहले तीन घंटे महत्वपूर्ण है।
सर्दी के चलते लोग बुखार, खांसी और जुकाम आदि की चपेट में आ रहे हैं। वहीं ठंड में लोगों का दिल भी दगा देने लगा है। एसबीडी जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा ने बताया कि सर्दी में हार्ट अटैक की आशंका बनी रहती है। ठंड से दिल की धमनियों के सिकुड़ने के कारण हार्ट अटैक का खतरा बना रहता है, इसलिए सर्दी में हृदयघात से बचने के लिए सावधानी बरतें। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि हार्ट अटैक में शुरुआती तीन घंटे जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। महिलाओं और डायबिटीज मरीजों को ज्यादातर दर्द रहित हार्ट अटैक की संभावना रहती है। दिल के दौरे वाले मरीजों को दौरा पड़ने पर आधी डिस्प्रीन और सार्बीट्रेट लेकर चिकित्सक को दिखाना चाहिए।
हार्ट अटैक के ये हैं लक्षण
- सीने के बीचों-बीच दर्द और दर्द का बायी और से दायी हाथ में जाना
- सीने के दर्द का गले में जाना
- सीने के दर्द के साथ पसीना और उल्टी लगना
- सांस फूलना
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इन बातों का रखें ध्यान
- ज्यादा भारी काम नहीं करना चाहिए।
- सीधी सीढि़यां नहीं चढ़ना चाहिए।
- खाना खाने के बाद थोड़ी देर आराम करें।
- ज्यादा सर्दी से बचना चाहिए।
- धूम्रपान, अल्कोहल का सेवन न करें।
- चिकनाईयुक्त खाद्य पदार्थ खाने से बचें।
- नमक का प्रयोग कम से कम करें।