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फिर कमजोर नजर आईं तैयारियां

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ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण करती डॉ. अनीता जोशी। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल में पीआईसीयू दूसरी और तीसरी मंजिल पर हैं। ऐसे में बाल मरीज को स्ट्रेचर के जरिए रैंप पर खींचकर ले जाने स्वास्थ्यकर्मी हांफ गए। इसकी वजह से मरीज को इलाज मिलने में थोड़ा विलंब हुआ। नियमानुसार 10 मिनट में इलाज पूरी तरह मिल जाना चाहिए, मगर इसमें करीब 12 मिनट लगे।
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डेमो के दौरान कोरोना मरीज को 11:55 बजे एंबुलेंस के जरिए जिला महिला अस्पताल के गेट पर ले जाया गया। वहां पहले से स्वास्थ्य कर्मी स्ट्रेचर लेकर तैयार थे। स्वास्थ्य कर्मी एंबुलेंस से उतारते ही मरीज को स्ट्रेचर पर लेकर रेंप पर खींचकर दूसरी मंजिल पर ले गए। प्राथमिक जांच के लिए पहले कक्ष तक पहुंचने में मरीज को चार मिनट लग गए। यानी 11:59 पर मरीज की एंट्री पीआईसीयू में हुई। यहां डॉक्टर पंकज मलिक ने मरीज की पल्स रेट, ऑक्सीजन का स्तर, बुखार आदि चेक किया। यहां से मरीज को व्हीलचेयर के जरिए पीआईसीयू में बेड पर ले जाया गया। वहां ऑक्सीजन तथा उपचार आने में स्वास्थ्यकर्मियों को 12:07 बजे गए।
17 वर्षीय खुशी बनी मरीज
पीआईसीयू में जन्म से लेकर 12 वर्ष की उम्र के बच्चे का कोरोना इलाज किया जाएगा। डेमो के लिए स्वास्थ्य विभाग को कोई बच्चा नहीं मिला तो 17 वर्षीय खुशी को मरीज के तौर पर डेमो में शामिल किया गया। 23 सितंबर को हुए मॉकड्रिल में दो बच्चे डरकर भाग गए थे।
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कोरोना पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए पीआईसीयू बनाया गया है, जहां मॉकड्रिल कराया गया। यहां तैयारी पूरी कर ली गई हैं। शासन के निर्देश के अनुरूप सभी सुविधाएं यहां हैं। डेमो में मरीज को पीआईसीयू तक लाने में समय लगने की मुख्य वजह पीआईसीयू का दूसरी और तीसरी मंजिल पर होना है।-डॉ. अनिता जोशी, अपर निदेशक स्वस्थ्य
फिर कमजोर नजर आईं तैयारियां
सहारनपुर। कोरोना से निपटने की तैयारियां फिर से कमजोर नजर आईं। जिला महिला अस्पताल में बने पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में हुई मॉकड्रिल में फिर से स्वास्थ्यकर्मी उपकरणों के साथ असहज दिखे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें उपकरण हैंडल करने नहीं आते हैं। खास बात यह रही कि मॉकड्रिल की मॉनिटरिंग करने पहुंची अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अनिता जोशी को डेमो मोबाइल वीडियो के जरिए दिखाया गया।
अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अनिता जोशी 11:30 बजे जिला महिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट का मुआयना किया। इसके बाद द्वितीय तल पर बने पीआईसीयू पहुंचीं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से वेंटिलेटर चलाकर दिखाने को कहा। इस पर डॉ. मानवेंद्र वेंटीलेटर स्वास्थ्यकर्र्मी को पीछे से निर्र्देश दे रहे थे। उन्होंने बाई पेप मशीन चलवाकर देखी। स्टाफ नर्स रुचि चौधरी भी डी फेब्रिलेटर सुचारू रूप से चलाकर नहीं दिखा सकीं। उन्होंने डॉ. जोशी को बताया कि उन्हें कल ही यहां तैनात किया गया है। उन्होंने यहां ऑक्सीजन कंसट्रेटर भी चलवाकर देखे। यहां पीआईसीयू में 25 कंसट्रेटर हैं। इसके बाद डॉ. मानवेंद्र सिंह से बबल सी पेप चलवाकर देखा।
इसके बाद डॉ. अनिता जोशी तीसरी मंजिल पर बने पीआईसीयू देखने गईं। उस समय डॉ. जोशी तीसरी मंजिल पर स्टोर में बैठकर पीआईसीयू में उपलब्ध दवा और उपकरण संबंधी कागजी कार्रवाई पूरी कर रही थीं। जब तक वह दूसरी मंजिल पर आईं डेमो पूरा हो चुका था। उन्होंने डेमो दिखाने के लिएकहा तो एक महिला स्वास्थ्यकर्मी ने अपने मोबाइल में डेमो का वीडियो दिखाया। हालांकि वीडियो देखने के बाद उन्होंने बाल मरीज को ऑक्सीजन आदि लगवाकर देखी। मॉकड्रिल के दौरान डॉ. प्रवीण कुमार, नोडल अधिकारी शिवांका गौड़ भी मौजूद रहे।

मरीज बनी खुशी को व्हील चेयर पर वार्ड में लेकर जाते स्वास्थ्यकर्मी।- फोटो : SAHARANPUR

पीआईसीयू में मरीज का इलाज करते स्वास्थ्यकर्मी।- फोटो : SAHARANPUR

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