गले मिलकर गिले-शिकवे दूर किए तो हाथ मिलाकर पुरानी दोस्ती को बहाल कर यह संदेश दिया कि अब हमारे बीच कोई मनमुटाव नहीं है।
मेरठ में रविवार को जमीयत के कार्यक्रम में दोनों सदर (अध्यक्ष) मौलाना अरशद मदनी और कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपूरी के बीच खुशगवार मुलाकातें हुईं। पिछले लंबे समय से जमीयत को लेकर चाचा अरशद मदनी व भतीजे महमूद मदनी के बीच चल रही रार अब खत्म हो गई।
मुसलमानों की सबसे बड़ी जमात जमीयत उलेमा-ए-हिंद के रविवार को मेरठ में हुए कार्यक्रम में मौलाना अरशद मदनी और कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी के बीच मुलाकात हुई, तो यह बताने की जरूरत नहीं पड़ी कि जमीयत के बीच पिछले लंबे समय से चल रहा झगड़ा समाप्त हो गया।
कार्यक्रम में जमीयत अध्यक्ष चाचा मौलाना अरशद मदनी और भतीजे मौलाना महमूद मदनी गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी गले मिले तो लाखों लोगों की भीड़ समझौते की गवाह बन गई। इस दौरान पूर्व सांसद एवं जमीयत के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी भी मौजूद रहे।
इस संबंध में महमूद मदनी गुट की जमीयत के प्रवक्ता अब्दुल हमीद नौमानी ने बताया कि दोनों पक्षों ने अदालत में समझौता लिखकर दे दिया, जिसके चलते जमीयत को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई समाप्त हो गई।
उनके मुताबिक एक दूसरे को तसलीम कर लेने पर ही दोनों के बीच समझौता हुआ है। अभी तक मौलाना अरशद मदनी और कारी उस्मान मंसूरपुरी दोनों ही अध्यक्ष हैं। जल्द ही किसी एक के अध्यक्ष बनने पर मुहर लगेगी।