सहारनपुर के देवबंद में तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि और बारिश से सर्दी का प्रकोप फिर से बढ़ गया है। इसके चलते बृहस्पतिवार को अधिकांश लोग अपने घरों में ही दुबके रहे। वहीं, बारिश से सड़कों पर कीचड़ जाम होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
यूं तो बुधवार से ही आसमान काले बादलों से घिरा हुआ है लेकिन बृहस्पतिवार की सुबह तेज हवाओं के साथ करीब 10 मिनट तक ओलावृष्टि होती रही। कुछ ही देर में धरती पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। इसके बाद दिनभर रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही। इससे एकाएक ठंड बढ़ जाने से लोग घरों में कैद होकर रह गए।
ओलावृष्टि से सरसों की फसल को नुकसान होना बताया जा रहा है। किसान श्यामवीर त्यागी, अनिल चौधरी, राव मुशर्रफ, दिलशाद गौड़, यशपाल सिंह आदि ने बताया कि इन दिनों सरसों पर फल आया हुआ है। लेकिन ओलावृष्टि होने से इसे नुकसान पहुंचा है। जबकि बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभदायक बताई जा रही है।
त्रिवेणी चीनी मिल की मौसम वैधशाला में बारिश के बाद तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम वैधशाला इंचार्ज सुभाष वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 18.8 और न्यूनतम 5.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी मौसम ऐसे ही बना रहेगा।
गंगोह विकास खंड क्षेत्र के गांव बंदाखेड़ी, वीरा खेड़ी, रामसहायवाला, रंधेडी आदि गांवों में बृहस्पतिवार की सुबह भारी ओलावृष्टि हुई। इसके चलते गेहूं, गन्ना और सरसों आदि फसलों को भारी क्षति हुई। किसान जनेश्वर प्रसाद, अमित कुमार, अमिताभ गर्ग, लियाकत अली, सुखदेव सिंह, महीपाल सिंह, सतपाल सिंह, कुलबीर सिंह, सतप्रकाश, अरविंद कुमार का कहना है कि ओलावृष्टि से सब्जियों और चने की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है।
किसानों ने मुआवजे की मांग की। नकुड़ के किसान बलवंत सिंह, हरवीर सिंह, राजपाल, सुरेश आदि ने बताया कि बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलों में काफी नुकसान पहुंचा है। ब्यूरो