फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: सम्राट मिहिर भोज को लेकर गुर्जर और राजपूत समाज आमने-सामने

Sat, 27 May 2023 11:53 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। सम्राट मिहिर भोज को लेकर गुर्जर और राजपूत समाज आमने-सामने है। गुर्जर समाज द्वारा यात्रा निकालने के एलान के बाद से दोनों समाज में टकराव की स्थिति बनी है। दोनों समाज के लोग एक-दूसरे की जाति के इतिहास से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा रहे हैं।
विज्ञापन

दिल्ली रोड स्थित गुर्जर भवन में अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा की पत्रकार वार्ता में आचार्य विरेंद्र विक्रम ने कहा कि गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज रघुवंशी सम्राट थे और गुर्जर प्रतिहार वंश के सबसे प्रतापी सम्राट थे। 851 ईसवीं में भारत भ्रमण पर आए अरब यात्री सुलेमान ने उनको गुर्जर राजा और उनके देश को गुर्जर देश कहा। 911 ईसवीं में बगदाद के इतिहासकार अल मसूदी ने भी गुर्जर प्रतिहार सम्राटों की जाति गुर्जर लिखी है। 1937 में डॉक्टर रमा शंकर त्रिपाठी ने अपनी किताब हिस्ट्री ऑफ कन्नौज में गुर्जर प्रतिहारों को गुर्जर जाति का लिखा है। इसी तरह अनेक इतिहास कारों ने सम्राट मिहिर भोज को गुर्जर सम्राट लिखा है। राजपूत समाज के लोग जब चाहे उनसे इस मुद्दे पर बहस कर कर सकते हैं। कुछ लोग जबरदस्ती गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज के इतिहास को कब्जाने का विफल प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान संस्थापक नरेंद्र गुर्जर, रवि चौहान, अक्षय पंवार, नीरज चौधरी, राहुल गुर्जर मौजूद रहे।
उधर, देहरादून रोड स्थित एक सभागार में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष डाॅ. कुशलपाल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि क्षत्रिय सम्राट मिहिर भोज को एक विशेष जाति के लोग गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहे हैं। मिहिर भोज एक क्षत्रिय सम्राट थे। शासन-प्रशासन को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। गुर्जर समाज की किसी भी तरह की यात्रा और कार्यक्रम रोक लगानी चाहिए। क्षत्रिय सम्राट मिहिर भोज को लेकर मध्य प्रदेश हाइकोर्ट में विवेचना चल रही है। क्षत्रिय सम्राट मिहिर भोज के वंशज और नागोद रियायत के राजा, जो बार-बार कह रहे हैं कि क्षत्रिय सम्राट मिहिर भोज के हम वंशज है और राजपूत समाज से है। प्रदेश अध्यक्ष रजनीश चौहान ने कहा कि हम अपने इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार को चाहिए कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस दौरान ठाकुर अमर सिंह, योगेश राणा, संदीप राणा, अजयपाल सिंह, डा. रणदीप सिंह, अभिषेक राणा, सोनू राणा, देवेंद्र राणा मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें