एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ चल रहा सर्राफा कारोबारियों का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। जनपद के तमाम सर्राफा कारोबारियों ने लगातार 16वें दिन विरोध में अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और धरना दिया।
साथ ही बृहस्पतिवार को दिल्ली में होने वाली विरोध रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील कारोबारियों से की गई। सहारनपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन की बैठक में अध्यक्ष गौतम शंकर सिंघल ने एक्साइज को काला कानून करार देते हुए इसे वापस लेने की केंद्र सरकार से मांग की।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली पर सर्राफा कारोबारी विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक्साइज ड्यूटी वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने 17 मार्च को दिल्ली चलने का आह्वान सर्राफा कारोबारियों से किया।
इस दौरान हरिप्रकाश मित्तल, अभिनव जैन, शोभित नारंग, नवनीत वर्मा, अमित जैन, हरिओम मक्कड़, रजत जैन, अंबर जैन, तुषार जैन, वैभव जैन, राजीव चावला, नितिन जैन, ताराचंद वर्मा, अमित वर्मा आदि थे।
उधर, सर्राफा पंचायत के बैनर तले चलाए जा रहे आंदोलन में बुधवार को सचिन जैन, रजत जैन, प्रशांत वर्मा, मनोज जैन, विक्रांम वर्मा अनशन पर रहे।
पवन गोयल, रामराजीव सिंघल, संजीव जैन, जितेंद्र, संजय रस्तोगी, राकेश रस्तोगी, राहुल जैन ने सांसद राघव लखनपाल शर्मा द्वारा उनका हाल न जानने की निंदा की।
अध्यक्षता कर रहे शिव कुमार गर्ग ने एक्साइज ड्यूटी वापस होने तक आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने भी सर्राफा कारोबारियों से 17 मार्च को दिल्ली में होने वाले आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
सपा नेता चंद्रशेखर यादव, फैजानुर्रहमान और शायान मसूद ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर समर्थन किया। उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ ने भी आंदोलन का समर्थन किया। इस दौरान सुभाषचंद कक्कड़, शेखर कर्णवाल, शालू, दर्शनलाल, सचिन वर्मा, नरेश, बृजपाल, रामेश्वर, नरेंद्र वर्मा आदि मौजूद थे।