सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी के बाद कोरोना की चपेट में आने से जिन कर्मियों की मौत हुई, उनके आश्रितों को प्रदेश सरकार ने अनुदान देने की घोषणा की। इस सूची में सहारनपुर जिले के भी 22 लोग शामिल हैं, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक नेताओं ने इस सूची पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिले में 30 से अधिक बेसिक शिक्षकों की जान गई, मगर अनुदान के लिए मात्र 12 ही बेसिक शिक्षकों को शामिल किया है। शिक्षक नेताओं और पीड़ित परिवारों की मांग है कि कोरोना से मरने वाले सभी शिक्षक के आश्रितों को अनुदान दिया जाए।
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राज कुमार चौधरी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को पत्र लिखा है। संगठन ने मुख्यमंत्री से कोरोना से मरने वाले सभी शिक्षकों के आश्रितों का अनुदान देने की मांग की है। साथ ही मृतक आश्रितों को अधिसंख्य पदों पर योग्यता के अनुसार लिपिक व शिक्षक पदों पर नियुक्ति देने की भी मांग की। उन्होंने बताया सरकार ने नियुक्ति देने के आदेश तो दिए हैं, मगर शासनादेश अभी तक जारी नहीं किया है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह पंवार ने कहा जनपद में कोरोना से जान गंवाने वाले शिक्षकों की संख्या करीब 30 थी। करीब 18 शिक्षकों के आश्रितों को अनुदान से बाहर रखना ठीक नहीं है। कुछ शिक्षक ऐसे रहे, जो डर के कारण या फिर उन्हें जांच तक कराने का मौका नहीं मिला और कोरोना से उनकी जान चली गई। सरकार को सहानुभूति दिखाकर सभी मृतक शिक्षकों के आश्रितों को अनुदान देना चाहिए।
इनके परिजनों को मिलेगी सहायता
बेसिक शिक्षा विभाग से सीमा रानी, रीनू सिंह, राकेश कुमार, रकम सिंह, विकास कुमार, विकास कुमार राणा, विनोद कुमार, मुमताज जहां और नदीम अख्तर का नाम सूची में शामिल है। इसके अलावा श्रम विभाग से प्रवीन कुमार, उच्च शिक्षा विभाग से सुनीता रानी, माध्यमिक शिक्षा विभाग से बिजेंद्र सिंह, मयंक पांडेय, सिंचाई विभाग से सतवीर सिंह, पंचायती राज विभाग से सुशील कुमार और इमरत, गन्ना विभाग से उबैद उस्मानी, कृषि विभाग से वीरेेंद्र मलिक और डॉ. दीपक कुमार, ग्राम्य विकास विभाग से करम सिंह, वाणिज्य कर एवं मनोरंजन विभाग से नरेश कुमार के नाम शामिल हैं।