सरसावा में शोभायात्रा में लवकुश संग माता सीता की झांकी
- फोटो : SAHARANPUR
सरसावा (सहारनपुर)। वाल्मीकि समाज द्वारा भगवान वाल्मीकि के प्रकट उत्सव को धूमधाम से मनाया गया। यज्ञ के बाद भंडारे का आयोजन कर देर शाम भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का पुष्प वर्षा से जगह-जगह स्वागत किया गया।
मंगलवार को नगर तथा देहात क्षेत्र के वाल्मीकि समाज द्वारा भगवान वाल्मीकि का प्रकट उत्सव मनाया गया। भगवान वाल्मीकि मंदिर पर पूजन के पश्चात भंडारे का आयोजन हुआ। शाम के समय भगवान वाल्मीकि के समक्ष ज्योति प्रचंड की गई। पांच बजे वाल्मीकि मंदिर से परंपरागत रूप से विशाल शोभायात्रा निकाली गई। जो नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए देर रात उद्गम स्थल पर संपन्न हो गई। शोभायात्रा में सबसे आगे एक युवक धर्म ध्वजा लेकर चल रहा था। देवी देवताओं, महापुरुषों पर आधारित भव्य झांकियां तथा अनेकों बैंडबाजों, ताशा पार्टी, ढोल धमाकों से सुसज्जित शोभायात्रा के अंतिम छोर पर भगवान वाल्मीकि की पालकी चल रही थी।
नगर के गण्यमान्य लोगों एवं सामाजिक संस्थाओं और संगठनों द्वारा शोभायात्रा का नगर में अनेक स्थानों पर जोरदार स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वीर श्रेष्ठ विनोद घावरी तथा संचालन गौरव पुहाल एवं नवीन टांक ने किया। गद्दी पूजन वीर श्रेष्ठ अजय बिरला तथा शोभायात्रा का उद्घाटन वीर श्रेष्ठ ओपी कल्याण ने किया। कमेटी अध्यक्ष राजू सागर उर्फ राकेश कुमार, महामंत्री उमेश घावरी, उपाध्यक्ष अंकित वाल्मीकि, डॉ. दिनेश कल्याण, कोषाध्यक्ष अजय लोहट, मंत्री सुरेंद्र कल्याण, श्यामलाल कल्याण, गोपाल घावरी, भोपाल, मंगतराम बोहत, यशपाल पुहाल, रंजीत कल्याण आदि रहे।
सरसावा की शोभायात्रा में शामिल भगवान वाल्मीकि की झांकी- फोटो : SAHARANPUR