सहारनपुर। उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश और केंद्र की सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह से संवेदनशील है। किसानों की आय को दोगुना करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। किसान कृषि वैज्ञानिकों की सलाह पर ही खाद, बीज और कीटनाशकों का प्रयोग करें।
बृहस्पतिवार को जनमंच सभागार एवं प्रांगण में कृषि विभाग द्वारा संचालित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) योजना के तहत जनपद स्तरीय किसान मेला एवं खरीफ उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कृषि बजट में आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के तहत धन की समुचित व्यवस्था की है। गांव गांव में अभियान चलाकर किसानों का क्रेडिट कार्ड बनाए जा रहे हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. आईके कुशवाहा ने खरीफ की फसलों में लगने वाले प्रमुख कीट एवं रोगों की रोकथाम के विषय में तकनीकी जानकारी दी। प्रगतिशील किसान सुरेंद्र सिंह ने जैविक खेती के विषय में जानकारी दी। संजय सैनी ने एफपीओ के विषय में बताया। उन्होंने किसानों को सतावर, अश्वगंधा, कौंच, सर्पगंधा की खेती की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र कुमार ने धान की प्रजातियों, रोपाई, कीट एवं रोग नियंत्रण की जानकारी दी।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह, उप कृषि निदेशक कृषि रक्षा राकेश बाबू, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह सैनी, कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार आदि ने भी विचार व्यक्त किए। किसान मेले में बीज, कृषि यत्रों, कृषि रक्षा रसायनों, पशुपालन, उद्यान, गन्ना, महिला समूह, एवं मत्स्य आदि से संबंधित 20 स्टॉल लगे ।
इस दौरान जिला गन्ना अधिकारी केएम मणि त्रिपाठी, जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार, जिला कृषि अधिकारी धीरज कुमार सिंह, कृषि रक्षा अधिकारी शिप्रा, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, एलडीएम संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।