सहारनपुर। चुनावी वर्ष है। ऐसे में सरकार भी विकास कार्यों में खर्च होने वाली रकम को जारी करने में कोई कोताही नहीं बरत रही है। विधायक निधि की दूसरी किस्त आमतौर पर नवंबर के दूसरे सप्ताह तक जारी की जाती है, लेकिन इस वर्ष दूसरी किस्त पहली किस्त के तीसरे महीने के अंदर ही जारी कर दी गई है। निधि के 20 करोड़ रुपये जारी हो गए हैं।
निधि के तहत विधायक को हर वर्ष पांच करोड़ रुपये की राशि दो किस्तों में जारी होती है। विधायकों से प्रस्ताव लिए जाते हैं। इसके बाद उन्हें स्वीकृति मिलने के बाद कार्य शुरू होते हैं। जिले में सात विधायक व एक एमएलसी हैं। निधि की पहली किस्त ढाई-ढाई करोड़ रुपये जुलाई तक प्राप्त हो गई। इसके बाद विधायकों की ओर से प्रस्ताव दिए गए। सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा कुल 593 कामों के प्रस्ताव दिए गए। इनमें से अभी तक 227 कामों के प्रस्तावों को स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें 39 कार्यों शुरू हो चुके हैं। 53 कार्यों में निविदा प्रक्रिया जारी हो चुकी है।
एमएपी-एमएलए वेबसाइट के मुताबिक सभी आठ जनप्रतिनिधियों के खातों में राशि की दूसरी किस्त भी भेज दी गई है। माना जा रहा है कि वर्ष 2027 के शुरुआती महीनों में ही विधानसभा चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं। इसी को देखते हुए शासन की ओर से भी विधायक को निधि की किस्त जल्द जारी की गई है। दोनों किस्त जल्दी-जल्दी मिलने से जनप्रतिनिधियों को भी सड़क, नाली, खड़ंजा आदि के प्रस्ताव बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही समय से विकास कार्य पूरे हो सकेंगे।
इन विधानसभाओं के लिए मिली दूसरी किस्त
जिले में सात विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें बेहट, सहारनपुर देहात, सहारनपुर नगर, देवबंद, रामपुर मनिहारान, गंगोह, नकुड़ सीटें के लिए राशि जारी की गई है। इन क्षेत्रों में विधायक दूसरी किस्त से भी विकास कार्यों के प्रस्ताव दे सकेंगे। विधायकों द्वारा पहली किस्त के दिए गए प्रस्तावों में ज्यादातर लाइटों के हैं। इसके बाद सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग आदि के प्रस्ताव दिए गए हैं। इसके अलावा भी विकास कार्यों के प्रस्ताव विधायकों द्वारा दिए गए हैं।
अभी तक दिए गए प्रस्तावों की संख्या
विधानसभा-प्रस्तावित कार्य
बेहट-207
नकुड़-63
नगर55
देहात209
देवबंद26
रामपुर मनिहारान25
गंगोह-8
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वर्जन
विधायक निधि की दूसरी किस्त के संबंध में पत्र प्राप्त हुआ है। इस संबंध में कोषागार से पत्राचार किया जा रहा है। जल्द ही राशि को आवंटित कर दिया जाएगा। पहली और दूसरी किस्तों के प्रस्ताव पर काम किया जा रहा है।
- प्रणय कृष्ण, परियोजना निदेशक