सहारनपुर। 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को चलन से बाहर करने के लिए स्क्रैप नीति लागू है। जिले के 19 सरकारी और अर्ध सरकारी विभाग ऐसे हैं, जो 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप सेंटर पर नहीं भेज रहे हैं। ऐसे में संभागीय परिवहन विभाग ने जिलाधिकारी के निर्देश पर उनको नोटिस जारी कर दिए है। सबसे ज्यादा पुराने वाहन रोडवेज व पुलिस महकमे में हैं।
संभागीय परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 15 साल से अधिक पुराने वाहनों की संख्या करीब 1.50 लाख है। इनमें से परिवहन विभाग ने सरकारी विभागों के 454 वाहन चिह्नित किए हैं। इस बारे में विभागीय अधिकारियों को सूचना दी गई है। केंद्र सरकार ने सरकारी विभागों में लगे व पंद्रह साल की आयु पूरी कर चुके वाहनों को लेकर स्क्रैप नीति लागू की है। इस नीति का पालन करने के लिए परिवहन विभाग के प्रदेश मुख्यालय से भी सभी विभागों के लिए पत्र जारी किए गए हैं।
इसके बाद भी पुलिस, परिवहन निगम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, गन्ना विभाग सहित 19 विभागों ने अपने यहां के 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप सेंटर पर नहीं भिजवाया है। ऐसे में अब संभागीय परिवहन विभाग ने जिलाधिकारी के अनुमोदन पर सभी को विभागों को नोटिस दिए जा रहे हैं।
किस विभाग के कितने वाहन
पुलिस विभाग - 101
परिवहन निगम - 166
मंडलायुक्त कार्यालय - 08
न्याय विभाग - 13
वन विभाग - 03
डाक विभाग - 03
आयकर विभाग - 01
रेलवे - 02
विद्युत निगम - 02
सीएमओ कार्यालय - 08
गन्ना विभाग - 12
पंचायत विभाग - 05
अग्निशमन विभाग - 02
बीएसएनएल - 05
केंद्रीय पेपर पर्ल्स रिसर्च सेंटर - 02
एयरफोर्स - 37
इश्योरेंस कंपनी - 05
कलक्ट्रेट - 11
एसडीए - 02
सरकारी और अर्ध सरकारी विभाग अपने यहां के 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप सेंटर पर नहीं भेज रहे हैं। इन वाहनों की संख्या 454 है और यह स्क्रैप नीति के दायरे में आ रहे हैं। हमने कार्यालय अध्यक्षों को जिलाधिकारी के अनुमोदन पर नोटिस देने शुरू कर दिए हैं।
- महेंद्र बाबू गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन