सहारनपुर। सोने के आभूषण पहनना महिलाओं को खूब भाता है, मगर आसमान छूते सोने के दाम ने महिलाओं के अरमानों पर पानी फेर दिया है। कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन और आमदनी घटने से लोग आभूषण खरीदने से हिचकिचाने लगे हैं। इससे ज्वेलरी कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सोने की महंगाई का आलम यह है कि बीते एक साल के दौरान ही 24 कैरेट सोने की कीमतों में 18,200 रुपये प्रति दस ग्राम की बढ़ोतरी हुई है, जबकि इसी माह के बीते आठ दिन की बात करें तो करीब 800 रुपये सोने पर बढ़ गए हैं। इस समय 24 कैरेट सोने का दाम 50,600 रुपये है, जबकि 22 कैरेट की हॉलमार्क ज्वेलरी 46,300 रुपये प्रति 10 दस ग्राम है, इसमें बनवाई का रेट अलग है। वहीं, एक जुलाई को 49,800 रुपये 24 कैरेट का दाम था, जबकि एक जून 2019 में 24 कैरेट सोना 32400 रुपये प्रति दस ग्राम और 22 कैरेट सोना 30500 रुपये प्रति दस ग्राम था।
उलझन में ज्वेलर्स
- लॉकडाउन ने ज्वेलरी कारोबार की कमर तोड़ दी है। ब्रांडेड कंपनियों की लॉजिस्टिक नहीं आ पा रही है। दाम बढ़ने पर बिक्री बुरी रह प्रभावित हो रही है। अब बाजार का रोस्टर बदला है, धीरे धीरे स्थिति ठीक होने की संभावना है। - संजीव कुमार जैन, अध्यक्ष इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन, सहारनपुर
- सोने का दाम बढ़ने से कारोबार प्रभावित है। ग्राहक बिल्कुल नहीं आ रहे हैं। कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा है, खर्चे भी पूरे नहीं हो पा रहे हैं। बाजार पूरी तरह खुला है, जिससे उम्मीद है कि ग्राहक आएंगे। - गौतम शंकर सिंघल, ज्वेलर्स
सोना खरीदने की गवाही नहीं देता मन
- पवन विहार निवासी सोनम गर्ग का कहना है कि सोने की कीमतें इतनी ज्यादा हो गई हैं कि अब सोना खरीदना मुश्किल हो गया है। पहले त्योहार पर सोना खरीदते थे, पर अब आसान नहीं है।
- हकीकतनगर निवासी नेहा गांधी कहती हैं कि केंद्र सरकार को सोने की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास करना चाहिए, क्योंकि महिलाओं के लिए सोने के आभूषण बहुत प्रिय होते हैं।
नेहा गांधी- फोटो : SAHARANPUR
गौतम शंकर सिंघल- फोटो : SAHARANPUR
संजीव जैन- फोटो : SAHARANPUR