सहारनपुर। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कचरा लेने की नगर निगम की व्यवस्था धड़ाम है। अनेक बाजारों से महीनों से कचरा नहीं लिया जा रहा है, जबकि ठेकेदार के आदमी वसूली के लिए लगातार पहुंच रहे हैं। इसे लेकर व्यापारियों में नाराजगी है। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि जब कचरा ही नहीं उठाया जा रहा तो वसूली कैसी।
महानगर में करीब तीन हजार व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं, जिनमें तमाम तरह की दुकानें, कार्यालय, निजी अस्पताल, उद्योग, कारखाने आदि शामिल हैं।
नगर निगम ने इन सभी प्रतिष्ठानों से कचरा लेने के लिए एकता इंटरप्राइजेज फर्म को ठेका दिया है। नगर निगम की गाड़ियां बाजारों और प्रतिष्ठानों पर जाकर कचरा लेती हैं। इसकी एवज में प्रतिष्ठानों से 100 से 200 रुपये महीना यूजर चार्ज निर्धारित है, लेकिन बीते करीब एक साल से कचरा लेने की व्यवस्था बिगड़ी है।
रायवाला, गुच्छा मार्केट, मोरगंज, हिरनमारान सहित अनेक बड़े बाजार के व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम की गाड़ी कचरा लेने के लिए आती नहीं, या फिर कभी-कभी आती है।
उधर, ठेकेदार के कर्मचारी लगातार प्रतिष्ठानों पर वसूली करने पहुंच रहे हैंं। चूंकि कचरा लगातार नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में टकराव की स्थिति है। अनेक दुकानदारों ने यूजर चार्ज देने से साफ मना कर दिया है।