हकीकनगर में मैदे व हल्दी से तैयार की गई भगवान श्री गणेश की मूर्ति
- फोटो : SAHARANPUR
रामपुर मनिहारान/सहारनपुर। गणेश महोत्सव पर लोग खुद भी श्री गणपति की मूर्तियां बना रहे हैं। बाजार से मूर्तियां खरीदने में कम रुझान है। घर पर बनी मूर्तियां भी खास हैं, क्योंकि उनमें किसी ने मिट्टी के साथ मैदा और हल्दी मिलाई है तो कोई अन्य विधि से मूर्ति बना रहा है।
शनिवार को गणेश चतुर्थी पर घरों में गणपति की मूर्ति विराजमान की गई। कोरोना काल और लॉकडाउन की वजह से इस बार गणपति महोत्सव पर पहले जैसी रौनक नहीं है। क्योंकि, शहर में सात से आठ जगहों पर बड़े कार्यक्रम होते थे, इस बार नहीं हुए हैं। रामपुर मनिहारान के मोहल्ला शिवपुरी निवासी मानसी व राशि पुत्री राजीव अग्रवाल वनस्थली में पढ़ती हैं। दोनों बहनों ने गणेश चतुर्थी पर तालाब की चिकनी मिट्टी व प्लास्टर पेरिस को मिलाकर गणपति की मूर्ति को आकार दिया और रंगों से सजाया है। इसी तरह सहारनपुर शहर के मोहल्ला हकीकतनगर निवासी नीरज गुप्ता और उनकी पत्नी प्राची गुप्ता ने मैदा और हल्दी से भगवान श्री गणेश की मूर्ति बनाकर घर में स्थापित की है। श्रद्धालु सुबह और शाम के समय रोजाना गणपति बप्पा को भोग लगाकर उनकी आरती उतार रहे हैं।
चिकनी मिट्टी से गणपति की बनाई गई मूर्ति।- फोटो : SAHARANPUR
भगवान श्री गणेश की मूर्तिया तैयार करती मानसी अग्रवाल।- फोटो : SAHARANPUR
चिकनी मिट्टी और पेरिस प्लास्टर से तैयार की गई भगवान श्री गणेश की मूर्ति।- फोटो : SAHARANPUR