तीतरो (सहारनपुर)। गंगोह-नानौता मार्ग पर जगह-जगह बने गड्ढों के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। 18 किमी लंबी सड़क से गुजरने के लिए राहगीरों के पसीने छूट रहे हैं। कई लोग क्षतिग्रस्त मार्ग से गुजरते समय गिर कर चोटिल भी हो चुके हैं।
हरियाण व दिल्ली को उत्तराखंड से जोड़ने वाले इस सड़क मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों भारी व ओवरलोड वाहनों का आवागमन रहता है। जनपद में ज्यादातर सड़कों के निर्माण का कार्य हो चुका है, परंतु गंगोह-नानौता मार्ग पर कई सालों से निर्माण कार्य नहीं हो पाया है। ग्रामीण रविंद्र चौधरी, पूर्व बीडीसी महेंद्र कोरी, दिलशाद चौधरी, नरेशचंद धीमान, कृष्ण सिंह चौहान आदि का कहना है कि पिछले दस साल से इस मार्ग पर लोक निर्माण विभाग द्वारा न तो कोई मरम्मत कार्य ही कराया गया और न ही सड़क के निर्माण की प्रक्रियाअपनाई गई है। इसी मार्ग से हरियाणा, पजांब से कांवड़ यात्रा में भी आवागमन बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त सड़क पर 2 से 3 फुट गहरे गड्ढे होने से राहगीरों की जान के लिए जोखिम बना हुआ है। सांगाठेडा- महंगी के बीच में कई जगह सड़क का अस्तित्व ही खत्म हो चुका है। 18 किमी के सफर को तय करने में एक घंटे का समय खर्च हो रहा है।
उधर, लोकसभा कैराना के सांसद प्रदीप चौधरी का कहना है कि वे सड़क निर्माण को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या से मिले हैं। मौसम की मार के कारण कार्य नहीं हो पाया है, शीघ्र ही दौलतपुर घाट से लेकर उत्तराखंड राज्य की सीमा तक कार्य कराया जायेगा। सड़क की शासन से स्वीकृति हो चुकी है।