सहारनपुर। देहात कोतवाली पुलिस ने रविवार देर रात मुठभेड़ में सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे के आरोपी वाजिद निवासी गांव शेखपुरा कदीम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी। वहीं, दूसरी ओर इस मामले में पुलिस के उत्पीड़न से तंग आकर राजमिस्त्री शमीम ने आत्महत्या कर ली थी।
यह मुठभेड़ रविवार रात देहात कोतवाली क्षेत्र में मिनी बाईपास से करीब 100 मीटर टपरी की ओर वाहनों की चेकिंग के दौरान हुई। पकड़ा गया आरोपी वाजिद देहात कोतवाली में दर्ज सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में वांछित था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। उसके कब्जे से तमंचा, असलहा, 230 रुपये की नकदी और बिना नंबर प्लेट का टेंपो बरामद किया है। वहीं, शेखपुरा कदीम के ही रहने वाले शमीम ने अपने चाचा के घेर में जाकर शनिवार देर रात फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में परिजनों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। अब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। युवती के पिता की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर में शेखपुरा कदीम निवासी वाजिद को आरोपी बनाया है, जबकि पुलिस की ओर से जारी प्रेसनोट में मामला सामूहिक दुष्कर्म का दिया है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि मुकदमा दुष्कर्म का दर्ज है तो अन्य आरोपी कहां हैं। एफआईआर में अज्ञात व्यक्तियों की संख्या भी नहीं लिखी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि एफआईआर होने के बाद और आत्महत्या से पहले मृतक शमीम का नाम भी जोड़ लिया था। सवाल यह भी है कि जब वाजिद के खिलाफ एफआईआर की थी तब शमीम का नाम क्यों नहीं जोड़ा गया।
युवती से सामूहिक दुष्कर्म मामले में एक आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया है। मृतक शमीम का नाम भी बाद में एफआईआर में जोड़ लिया गया था।
व्योम बिंदल, एसपी सिटी