फोटो- संख्या 5 और संबंधित
- शाकंभरी जाने के लिए यहां से गुजरते हैं दूसरे प्रदेशों के हजारों श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
साढ़ौली कदीम। सरकार के सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के अभियान में भी लीपापोती हो गई। गड्ढा मुक्त अभियान के बाद भी सड़कों में जगह जगह गहरे-गड्ढे बने हुए हैं, जिनमें गिरकर लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।
गन्देवड़ से चिलकाना तक 22 किलोमीटर लंबे मार्ग में कई सौ गड्ढे बन गए हैं। इनमें गिरकर दुपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। बावजूद इसके लोक निर्माण विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस मार्ग से मेला शाकंभरी देवी जाने वाले पंजाब, हरियाणा, राजस्थान सहित कई प्रदेशों के श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। नवरात्र मेले के दौरान पदयात्रियों सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां से गुजरते हैं। क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि गड्ढा मुक्त अभियान केवल कागजों में चलाया गया है। गड्ढा मुक्त करने के लिए कई माह पूर्व आई बजरी भी सड़क किनारे पड़ी है। ग्रामीणों ने तत्काल उक्त मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की है।
फोरलेन में तब्दील हो मार्ग
गांव लतीफपुर भूड निवासी प्रदीप गुप्ता का कहना है कि लगातार वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते सरकार को उक्त मार्ग को तत्काल फोरलेन में तब्दील कर देना चाहिए। इससे शाकंभरी देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा होगी।
तो लोग हादसों का शिकार होने से बच जाए
गांव चकखीजरपुर निवासी सुखदेव सिंह का कहना है कि उक्त मार्ग से केवल खनन से ही सरकार को नियमित करोड़ों रुपये का राजस्व नियमित मिल रहा है। यदि आय का कुछ भाग भी गड्ढा मुक्त अभियान में लगाया जाए तो लोग हादसों का शिकार होने से बच सकेंगे।
मिनटों का सफर घंटों में तय हो रहा
गांव बहरामपुर निवासी चौ. राजेश पंवार का कहना है कि उक्त मार्ग से नियमित क्षेत्र के हजारों लोगों का तहसील व जिला मुख्यालय पर आवागमन होता है। गड्ढों के चलते कुछ किलोमीटर का सफर कई घंटों में तय हो पाता है। इससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जनहित में कराई जाए मार्ग की मरम्मत
जिला पंचायत सदस्य रामू चौधरी का कहना है कि गन्देवड़- चिलकाना मार्ग का अधिकतर भाग क्षतिग्रस्त हो चुका है जिससे चलते लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। जनहित में उक्त मार्ग पर तत्काल मरम्मत कराई जानी आवश्यक है।
खनन के ओवरलोड वाहनों के लगातार संचालन के चलते उक्त मार्ग टूटता रहता है। कई बार वह गड्ढों की मरम्मत करा चुके हैं लेकिन भारी भरकम वाहनों के चलते फिर गड्ढे बन जाते हैं। आगामी सत्र में सड़क निर्माण को लेकर शासन को कार्य योजना भेज दी गई है।
अजय कुमार, जेई लोक निर्माण विभाग